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Sultanpur News: आईटीआई के विद्यार्थियों को कम भा रहा एंब्राॅयडरी
Tue, 20 May 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 20 May 2025 12:03 AM IST
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जीआईटीआई पयागीपुर में प्रशिक्षण के लिए बनी कार्यशाला।
सुल्तानपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे हिंदी, अंग्रेजी टंकण, एंब्राॅयडरी व प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर (पीपीओ) जैसे पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों का मोहभंग हो गया है। पिछले 10 वर्षों से यहां काफी कम प्रवेश हुए हैं। ऐसे में संस्थान ने कम मांग वाले इन पाठ्यक्रमों की सूची तैयार कर रहा है। इन्हें राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद को भेजा जाएगा। इनके स्थान पर आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों को शामिल करने की रूपरेखा बनाई जा रही है।
जिले में तीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। इनमें जीआईटीआई पयागीपुर, लंभुआ और कादीपुर शामिल है। आईटीआई पयागीपुर में 15 तकनीकी कोर्स संचालित हैं। लंभुआ में 12 और इतने ही कादीपुर में काेर्स संचालित हैं। इसमें साइबर सुरक्षा, एआई, रोबोटिक्स और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे पाठ्यक्रमों की मांग इन दिनों काफी है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण को संचालित करने की मांग काफी दिनों से चल रही है।
टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से पयागीपुर व लंभुआ में आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों का संचालन भी किया जा रहा है। आईटीआई में संचालित हो रहे कुछ ऐसे पाठ्यक्रम भी हैं, जो आधुनिक दौर में कम मांग वाले हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) व राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) से कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों का ब्योरा मांगा गया है, जिसके तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ने अपने यहां कम डिमांड वाले काेर्स की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है।
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परिषद ने कम छात्र संख्या की जानकारी मांगी है। सूची तैयार की जा रही है। इनके स्थान पर आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों को शामिल करने की मांग की जाएगी।
-भूपेंद्र कुमार पाल, प्रधानाचार्य जीआईटीआई पयागीपुर
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जिले में तीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। इनमें जीआईटीआई पयागीपुर, लंभुआ और कादीपुर शामिल है। आईटीआई पयागीपुर में 15 तकनीकी कोर्स संचालित हैं। लंभुआ में 12 और इतने ही कादीपुर में काेर्स संचालित हैं। इसमें साइबर सुरक्षा, एआई, रोबोटिक्स और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे पाठ्यक्रमों की मांग इन दिनों काफी है। आईटीआई में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण को संचालित करने की मांग काफी दिनों से चल रही है।
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टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से पयागीपुर व लंभुआ में आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों का संचालन भी किया जा रहा है। आईटीआई में संचालित हो रहे कुछ ऐसे पाठ्यक्रम भी हैं, जो आधुनिक दौर में कम मांग वाले हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) व राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) से कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों का ब्योरा मांगा गया है, जिसके तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों ने अपने यहां कम डिमांड वाले काेर्स की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है।
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परिषद ने कम छात्र संख्या की जानकारी मांगी है। सूची तैयार की जा रही है। इनके स्थान पर आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों को शामिल करने की मांग की जाएगी।
-भूपेंद्र कुमार पाल, प्रधानाचार्य जीआईटीआई पयागीपुर