{"_id":"688132fb94dde40c850b860f","slug":"insurance-company-will-have-to-pay-compensation-of-rs-123-lakh-sultanpur-news-c-103-1-slko1043-137613-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: बीमा कंपनी को अदा करनी होगी 1.23 लाख की क्षतिपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: बीमा कंपनी को अदा करनी होगी 1.23 लाख की क्षतिपूर्ति
Thu, 24 Jul 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:37 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने वाहन स्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल और सदस्य भारत भूषण तिवारी ने बीमा कंपनी को परिवादी के पक्ष में 1.23 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति अदा करने के आदेश दिए। फोरम ने मानसिक कष्ट व वाद व्यय के लिए 1500 रुपये भी देने का आदेश दिया है।
दोस्तपुर थाने के भरथुआ निवासी परिवादी अमर बहादुर के आरोप के मुताबिक उन्होंने 30 नवंबर 2012 को एक बोलेरो जीप महिंद्रा एंड महिंद्रा एजेंसी से लिया था। आरोप के मुताबिक उन्होंने अपनी गाड़ी की रिस्क कवर का ओरिएंटल बीमा कंपनी से बीमा भी कराया था। 13 मई 2015 को उनकी बोलेरो अंबेडकरनगर जिले से चोरी हो गई। जिसकी क्षतिपूर्ति के लिए उन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी की, लेकिन इसके बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया। परिवादी ने उपभोक्ता फोरम की शरण लेकर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की।
उपभोक्ता फोरम ने मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए दो माह में 1.23 लाख रुपये की रकम व अन्य खर्च की धनराशि अदा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
दोस्तपुर थाने के भरथुआ निवासी परिवादी अमर बहादुर के आरोप के मुताबिक उन्होंने 30 नवंबर 2012 को एक बोलेरो जीप महिंद्रा एंड महिंद्रा एजेंसी से लिया था। आरोप के मुताबिक उन्होंने अपनी गाड़ी की रिस्क कवर का ओरिएंटल बीमा कंपनी से बीमा भी कराया था। 13 मई 2015 को उनकी बोलेरो अंबेडकरनगर जिले से चोरी हो गई। जिसकी क्षतिपूर्ति के लिए उन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी की, लेकिन इसके बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया। परिवादी ने उपभोक्ता फोरम की शरण लेकर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
उपभोक्ता फोरम ने मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए दो माह में 1.23 लाख रुपये की रकम व अन्य खर्च की धनराशि अदा करने का आदेश दिया है।