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Sultanpur News: जमीनों के विवाद में फंसा औद्योगिक गलियारा
Sun, 29 Jun 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:37 AM IST
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सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जयसिंहपुर के कारेबन के पास औद्योगिक गलियारा स्थापित करने के लिए चल रही तैयारियों को झटका लगा है। इसके लिए चिह्नित करीब 31 हेक्टेयर भूमि किसानों के आपसी विवाद में फंस गई है। अभी तक 289 हेक्टेयर का जमीन का बैनामा पूरा हो चुका है। विवाद के चलते औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारियाें पर ब्रेक लगा है।
औद्योगिक गलियारा के लिए कारेबन सहित नौ गांवों की जमीन चिह्नित की गई है। किसानों की करीब 320 हेक्टेयर भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में लिया जाना है। करीब दो साल से चल रही जमीन के बैनामा की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। प्रशासन 290 हेक्टेयर भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में किसानों से करा चुका है।
बैनामा करने वाले किसानों को करीब 341.85 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन करीब 31 हेक्टेयर की भूमि का मामला आपसी विवादों में फंस हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, आपसी विवाद के प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं। निस्तारण के होने के बाद ही विवादित भूमि का बैनामा नहीं लिया जा सकेगा। पूरी भूमि का बैनामा लेने के बाद यूपीडा उद्योगों के लिए प्लाटिंग कराएगा। मार्ग, लाइट सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके बाद इसे इच्छुक उद्योगपतियों को उद्योगों की स्थापना के लिए दी जाएगी।
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वादों का निस्तारण होते की करा दिया जाएगा बैनामा
यूपीडा के नोडल व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एस सुधाकरन ने बताया कि बैनामा चल रहा है। विवादों की वजह से कुछ भूमि नहीं ली जा सकी है। वादों का निस्तारण होते ही पूरी जमीन का बैनामा करा दिया जाएगा।
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औद्योगिक गलियारा के लिए कारेबन सहित नौ गांवों की जमीन चिह्नित की गई है। किसानों की करीब 320 हेक्टेयर भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में लिया जाना है। करीब दो साल से चल रही जमीन के बैनामा की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। प्रशासन 290 हेक्टेयर भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में किसानों से करा चुका है।
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बैनामा करने वाले किसानों को करीब 341.85 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन करीब 31 हेक्टेयर की भूमि का मामला आपसी विवादों में फंस हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, आपसी विवाद के प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं। निस्तारण के होने के बाद ही विवादित भूमि का बैनामा नहीं लिया जा सकेगा। पूरी भूमि का बैनामा लेने के बाद यूपीडा उद्योगों के लिए प्लाटिंग कराएगा। मार्ग, लाइट सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके बाद इसे इच्छुक उद्योगपतियों को उद्योगों की स्थापना के लिए दी जाएगी।
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वादों का निस्तारण होते की करा दिया जाएगा बैनामा
यूपीडा के नोडल व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एस सुधाकरन ने बताया कि बैनामा चल रहा है। विवादों की वजह से कुछ भूमि नहीं ली जा सकी है। वादों का निस्तारण होते ही पूरी जमीन का बैनामा करा दिया जाएगा।