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विवेचना में करें सभी तथ्यों का समावेश : एडीजी
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गौरीगंज (अमेठी)। विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के लिए अमेठी पुलिस की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शनिवार को शुरुआत हुई। शहर के नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र में आयोजित कार्यशाला के पहले दिन सात विधि विशेषज्ञों के अलावा अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ व एसपी ने विवेचकों को मौजूदा परिप्रेक्ष्य में विवेचना की बारीकियों से जुड़े टिप्स दिए।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन कार्यक्रम स्थल पचेहरी स्थित अग्निशमन केंद्र के नवनिर्मित भवन में पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ डॉ. एसएन साबत ने विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए। अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सभी विवेचक की कोशिश होनी चाहिए कि विवेचना तथ्यपूर्ण हो और उसमें इतने साक्ष्य हों कि न्यायालय अपराधी को अधिकतम सजा सुना सके।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग व प्रशिक्षक के रूप में मौजूद सात विधि विशेषज्ञों ने भी विवेचकों को संबोधित किया। विधि विशेषज्ञों का कहना था कि विवेचना के दौरान विवेचक का निष्पक्ष रहना सबसे अहम है। दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण में एएसपी दयाराम, सीओ अमेठी पीयूषकांत राय के अलावा सभी एसएचओ/एसओ, थानों व क्राइम ब्रांच में तैनात उपनिरीक्षक (जो विवेचना से जुड़े हों) को बुलाया गया था।
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दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन कार्यक्रम स्थल पचेहरी स्थित अग्निशमन केंद्र के नवनिर्मित भवन में पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ डॉ. एसएन साबत ने विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए। अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सभी विवेचक की कोशिश होनी चाहिए कि विवेचना तथ्यपूर्ण हो और उसमें इतने साक्ष्य हों कि न्यायालय अपराधी को अधिकतम सजा सुना सके।
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एसपी डॉ. ख्याति गर्ग व प्रशिक्षक के रूप में मौजूद सात विधि विशेषज्ञों ने भी विवेचकों को संबोधित किया। विधि विशेषज्ञों का कहना था कि विवेचना के दौरान विवेचक का निष्पक्ष रहना सबसे अहम है। दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण में एएसपी दयाराम, सीओ अमेठी पीयूषकांत राय के अलावा सभी एसएचओ/एसओ, थानों व क्राइम ब्रांच में तैनात उपनिरीक्षक (जो विवेचना से जुड़े हों) को बुलाया गया था।
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