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Sultanpur News: सड़कें नहीं बनीं तो छह माह झेलेंगे परेशानी
Sat, 18 Apr 2026 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:04 AM IST
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बरौंसा से चौरासी धाम आश्रम मार्ग का रामगढ़ के पास रुका लेपन कार्य। संवाद
सुल्तानपुर। सड़कें समय पर नहीं बनीं तो लोगों को अगले छह महीने तक बदहाल सड़कों पर सफर करना पड़ेगा। महंगे तारकोल ने निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। लेपन कार्य की उम्मीदें फीकी पड़ती जा रही हैं। ऐसे में जिले में सड़क मरम्मत के लिए महज 10-15 दिन का ही अनुकूल समय बचा है।
पीडब्ल्यूडी और आरईडी की 100 से अधिक सड़कें इस समय लेपन का इंतजार कर रही हैं। डेवाढ़-विजेथुआ मार्ग का काम बीच में रुक गया है, जबकि मोतिगरपुर-दोस्तपुर सहित कई प्रमुख मार्गों पर काम शुरू ही नहीं हो सका है। महंगे तारकोल से ठेकेदार काम लेने से पीछे हट रहे हैं और विभाग भी बढ़ी लागत के चलते खरीदारी में सतर्कता बरत रहा है।
इंजीनियरों के मुताबिक अधिक तापमान में तारकोल की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है। मई में लेपन कराना उचित नहीं माना जाता, जबकि जून से सितंबर तक बारिश के चलते काम बंद रहता है। ऐसे में अप्रैल का सीमित समय ही निर्णायक बन गया है, जो तेजी से निकल रहा है। यदि समय रहते काम नहीं हुआ तो गड्ढों और उखड़ी सड़कों से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। आवागमन भी प्रभावित होगा।
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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि बढ़ती लागत के चलते ठेकेदारों की रुचि कम हो गई है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। विभाग विकल्प तलाश रहा है, लेकिन समय की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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पीडब्ल्यूडी और आरईडी की 100 से अधिक सड़कें इस समय लेपन का इंतजार कर रही हैं। डेवाढ़-विजेथुआ मार्ग का काम बीच में रुक गया है, जबकि मोतिगरपुर-दोस्तपुर सहित कई प्रमुख मार्गों पर काम शुरू ही नहीं हो सका है। महंगे तारकोल से ठेकेदार काम लेने से पीछे हट रहे हैं और विभाग भी बढ़ी लागत के चलते खरीदारी में सतर्कता बरत रहा है।
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इंजीनियरों के मुताबिक अधिक तापमान में तारकोल की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है। मई में लेपन कराना उचित नहीं माना जाता, जबकि जून से सितंबर तक बारिश के चलते काम बंद रहता है। ऐसे में अप्रैल का सीमित समय ही निर्णायक बन गया है, जो तेजी से निकल रहा है। यदि समय रहते काम नहीं हुआ तो गड्ढों और उखड़ी सड़कों से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। आवागमन भी प्रभावित होगा।
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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि बढ़ती लागत के चलते ठेकेदारों की रुचि कम हो गई है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। विभाग विकल्प तलाश रहा है, लेकिन समय की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।