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एक जुलाई से परिषदीय विद्यालयों में अनिवार्य होगी शिक्षकों की उपस्थिति
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सुल्तानपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मध्य मार्च से सभी परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए थे। लगभग चार माह बाद एक जुलाई से शिक्षकों की उपस्थिति स्कूलों में होगी। बेसिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर विद्यालयों को खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
जिले में 1735 परिषदीय प्राथमिक व 612 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग आठ हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। मार्च के मध्य से बंद हुए विद्यालय एक जुलाई से खोले जाएंगे। विद्यालयों में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित होकर शासन की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार काम करना होगा। मध्याह्न भोजन योजना के डीबीटी के लिए बच्चों के अभिभावकों की बैंक डिटेल एकत्र कर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
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साथ ही प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं का शत-प्रतिशत सही डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं के सत्यापन का भी काम कराया जाएगा। मिशन प्रेरणा के अंतर्गत ई-पाठशाला आयोजित कराई जाएगी।
सभी शिक्षकों की ओर से दीक्षा एप डाउनलोड करके प्रतिदिन कम से कम 10 अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें दीक्षा एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि एप के माध्यम से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सके। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने के लिए पाठ्य पुस्तकें उनके अभिभावकों को प्रदान की जाएंगी।
ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत सभी परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश जारी किया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 14 पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। इन सभी 14 मूलभूत सुविधाओं को 30 सितंबर तक पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया गया है। 30 सितंबर तक अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति निर्धारित प्रारूप पर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
लॉकडाउन के पूर्व ब्लॉकों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम की जगह अब शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। सभी शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को खंड शिक्षाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विकास खंड के एआरपी की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जुलाई से संबंधित खंड शिक्षाधिकारी की ओर से 25-25 शिक्षकों का बैच बनाकर किया जाएगा। इसमें दीक्षा एप व मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला पर भी जानकारी दी जाएगी।
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जिले में 1735 परिषदीय प्राथमिक व 612 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग आठ हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। मार्च के मध्य से बंद हुए विद्यालय एक जुलाई से खोले जाएंगे। विद्यालयों में सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
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शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित होकर शासन की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार काम करना होगा। मध्याह्न भोजन योजना के डीबीटी के लिए बच्चों के अभिभावकों की बैंक डिटेल एकत्र कर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
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साथ ही प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं का शत-प्रतिशत सही डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं के सत्यापन का भी काम कराया जाएगा। मिशन प्रेरणा के अंतर्गत ई-पाठशाला आयोजित कराई जाएगी।
सभी शिक्षकों की ओर से दीक्षा एप डाउनलोड करके प्रतिदिन कम से कम 10 अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें दीक्षा एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि एप के माध्यम से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सके। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने के लिए पाठ्य पुस्तकें उनके अभिभावकों को प्रदान की जाएंगी।
ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत सभी परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश जारी किया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 14 पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। इन सभी 14 मूलभूत सुविधाओं को 30 सितंबर तक पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया गया है। 30 सितंबर तक अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति निर्धारित प्रारूप पर प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
लॉकडाउन के पूर्व ब्लॉकों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम की जगह अब शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। सभी शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को खंड शिक्षाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विकास खंड के एआरपी की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जुलाई से संबंधित खंड शिक्षाधिकारी की ओर से 25-25 शिक्षकों का बैच बनाकर किया जाएगा। इसमें दीक्षा एप व मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला पर भी जानकारी दी जाएगी।