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आंधी-पानी के कहर में चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
Updated Fri, 27 May 2016 11:10 PM IST
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गौरीगंज के मान सिंह का पुरवा गांव में दीवार गिरने से मौत के बाद रोते-बिलखते परिवारीजन।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में शुक्रवार सुबह करीब आधा घंटा तक चली तेज आंधी और उसके बाद बरसात ने जमकर कहर बरपाया। इस दौरान दीवार व छप्पर गिरने से एक किशोरी समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि, छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को संयुक्त जिला चिकित्सालय व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आई तेज आंधी व पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। स्थानीय थाने के पूरे मान सिंह मजरे हरखपुर में राजेश चौरसिया की 12 वर्षीय पुत्री किरन व नौ वर्षीय पुत्र करन आंधी पानी के बीच दीवार गिरने से उसके मलबे में दब गए। जब तक दोनों को मलबे से निकाला जाता किरन की मौत हो चुकी थी।
शहर से सटे माधवपुर गांव में 65 वर्षीय राम खेलावन यादव व उसका भाई शंकर यादव दीवार गिरने से उसके मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने जब तक मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला रामखेलावन की मौत हो चुकी थी। करन व शंकर का संयुक्त जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
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स्थानीय थाने के ही नरौली गांव में छप्पर में दबकर रामसुमेर की 48 वर्षीय पत्नी निर्मला व पूरे बाबू मजरे जगदीशपुर में पेड़ गिरने से टूटे छज्जे की चपेट में आने से रामबोध मौर्य की 50 वर्षीय पत्नी दुलारी की मौत हो गई। वहीं माधवपुर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग देशराज, इसी गांव की 45 वर्षीय राजकुमारी पेड़ की डाल गिरने से घायल हो गईं।
पूरे ऊधव पंडरी की 40 वर्षीय वृंदावती भी पेड़ गिरने से जख्मी हो गईं। लालूपुर के 62 वर्षीय जगदेव छज्जा गिरने से घायल हो गए। सभी घायलों को संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। एसओ अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी मृतकों के परिवारीजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। दीवार व छप्पर के मलबे में दबकर अलग-अलग गांवों में हुई मौतों के तत्काल बाद स्थानीय विधायक राकेश प्रताप सिंह उनके घर पहुंचे। विधायक ने न सिर्फ पीड़ित परिवारीजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया बल्कि सभी के शव को अपने वाहन से थाने भेजवाया।
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शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आई तेज आंधी व पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। स्थानीय थाने के पूरे मान सिंह मजरे हरखपुर में राजेश चौरसिया की 12 वर्षीय पुत्री किरन व नौ वर्षीय पुत्र करन आंधी पानी के बीच दीवार गिरने से उसके मलबे में दब गए। जब तक दोनों को मलबे से निकाला जाता किरन की मौत हो चुकी थी।
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शहर से सटे माधवपुर गांव में 65 वर्षीय राम खेलावन यादव व उसका भाई शंकर यादव दीवार गिरने से उसके मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने जब तक मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला रामखेलावन की मौत हो चुकी थी। करन व शंकर का संयुक्त जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
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स्थानीय थाने के ही नरौली गांव में छप्पर में दबकर रामसुमेर की 48 वर्षीय पत्नी निर्मला व पूरे बाबू मजरे जगदीशपुर में पेड़ गिरने से टूटे छज्जे की चपेट में आने से रामबोध मौर्य की 50 वर्षीय पत्नी दुलारी की मौत हो गई। वहीं माधवपुर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग देशराज, इसी गांव की 45 वर्षीय राजकुमारी पेड़ की डाल गिरने से घायल हो गईं।
पूरे ऊधव पंडरी की 40 वर्षीय वृंदावती भी पेड़ गिरने से जख्मी हो गईं। लालूपुर के 62 वर्षीय जगदेव छज्जा गिरने से घायल हो गए। सभी घायलों को संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। एसओ अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी मृतकों के परिवारीजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी। दीवार व छप्पर के मलबे में दबकर अलग-अलग गांवों में हुई मौतों के तत्काल बाद स्थानीय विधायक राकेश प्रताप सिंह उनके घर पहुंचे। विधायक ने न सिर्फ पीड़ित परिवारीजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया बल्कि सभी के शव को अपने वाहन से थाने भेजवाया।