{"_id":"58bee33e4f1c1b2e65dc3ea9","slug":"four-extra-courts-will-provide-relief-to-petitioners","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार अतिरिक्त फैमिली कोर्ट से जल्द निपटेंगे वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार अतिरिक्त फैमिली कोर्ट से जल्द निपटेंगे वाद
Amarujala Bureau
Updated Tue, 07 Mar 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर को मिला तोहफा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिले को चार अतिरिक्त अस्थाई फैमिली कोर्ट की सौगात दी है। अब तक जिले में सिर्फ एक फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद से जुड़े मुकदमे की सुनवाई हो रही है। इसमें करीब साढ़े सात हजार मुकदमे लंबित हैं। विदाई, तलाक और गुजारा भत्ता से जुड़े मुकदमों में वादकारियों को त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है। लंबित मुकदमों की संख्या ज्यादा होने से विशेषकर महिला वादकारियों को तारीख देकर लौटा दिया जा रहा है।
विज्ञापन
इकलौती फैमिली कोर्ट में सुबह से लेकर शाम तक महिलाओं की भीड़ लगी रहती है। मुकदमों के बोझ तले दबी मौजूदा फैमिली कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों में चार से पांच महीने की तारीख लगाई जा रही है। हाईकोर्ट की नई पहल से चार अतिरिक्त अस्थाई फैमिली कोर्ट की स्थापना होने से वादकारियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें आसानी से त्वरित न्याय मिल सकेगा।
विज्ञापन
जिले की इकलौती फैमिली कोर्ट में अविभाजित जिले के विवाह संबंधी विवादों, भरण-पोषण के मुकदमों की सुनवाई होती है। मौजूदा समय में फैमिली कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों की संख्या 7,393 तक पहुंच गई है। इसके अलावा नवसृजित फास्ट ट्रैक कोर्ट में हिंदू विवाह अधिनियम के 172 मुकदमों की सुनवाई चल रही है। लंबित मुकदमों की तादाद ज्यादा होने से केस के निस्तारण की गति काफी सुस्त है। इससे वादकारियों को दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन
वैवाहिक विवादों से जुड़े मुकदमों का त्वरित निस्तारण कर महिलाओं को जल्द न्याय देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नई पहल की है। हाईकोर्ट ने प्रदेश में महिलाओं को त्वरित न्याय देने के लिए 190 अतिरिक्त अस्थाई फैमिली कोर्ट की स्थापना करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हाईकोर्ट के जॉइंट रजिस्ट्रार (न्यायिक सर्विसेज) अतुल श्रीवास्तव की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सुल्तानपुर में चार अतिरिक्त अस्थाई फैमिली कोर्ट की स्थापना की जाएगी।