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शुद्ध वातावरण के दुश्मन बने वन माफिया

Sat, 04 Jun 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर Updated Sat, 04 Jun 2016 11:47 PM IST
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Forest mafia made enemies of pure environment
सुल्तानपुर में गोमती नदी पर बह रहा शहर का गंदा पानी। - फोटो : अमर उजाला
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों में कमी नहीं हो रही है। जिले में जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। पेड़ों की कटान में कमी नहीं आ रही है। कटान के सापेक्ष पौधरोपण नहीं हो रहा है। इससे दिनों-दिन पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है। लोगों में जागरूकता का अभाव इसका अहम कारण बन रहा है। 
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जलीय जंतुओं पर मंडरा रहा खतरा
गोमती में प्रवेश करने वाला दूषित जल अब तक हजारों जलीय जंतुओं की जान ले चुका है। फिर भी जिला प्रशासन की ओर से गंदे पानी को रोकने की दिशा में कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। 19 अप्रैल को गोमती नदी में दूषित जल से हजारों मछलियों की मौत हो गई थी।
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शहर के गोलाघाट, सीताकुंड, कुड़वार के कटांवा गांव के पास कई किलोमीटर तक पानी में मरी मछलियां पानी में उतराती दिखाई पड़ी थीं। डीएम ने प्रकरण की जांच के आदेेश दिए थे। दूषित जल के निरंतर नदी में जाने से जलीय जीवों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। 
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जहरीला धुआं उगल रहे जनरेटर  
नगर के विकास भवन, डाकखाना चौराहा, सुपर मार्केट, नार्मल कंपाउंड, चौक, शाहगंज चौराहा, रोडवेज के निकट, कुड़वार नाका, पंचरास्ता, बाधमंडी समेत अन्य स्थानों पर खुलेआम जहरीला धुआं छोड़ने वाले जनरेटर चल रहे हैं। तेज आवाज के साथ संचालित होने वाले जनरेटर के पास से गुजरने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

नहीं थम रहा खनन का खेल 
जिले के कुड़वार व लंभुआ समेत गोमती नदी के तटवर्ती इलाकों में बालू के अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है। अवैध खनन के मामले में जनवरी महीने में एक पत्रकार की हत्या भी हो चुकी हैै। तकरीबन एक माह पहलेे लंभुआ में अवैध खनन के मामले में उपजिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई की गई थी। 

दो साल में पांच गुना बढ़ी कटान 
वन विभाग एवं पुलिस के आंकड़ों में वर्ष 2014-15 में 264 वृक्षों के अवैध कटान के मामले दर्ज हुए थे।  पिछले वर्ष की तुलना में 2015-16 मिलाकर अब तक 1227 अवैध कटान के मामले विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं।

न आंकड़ों पर गौर किया जाए तो दो वर्ष के भीतर अवैध कटान के मामलों में पांच गुना का इजाफा हुआ है। पुलिस एवं वन विभाग की टीम पेड़ों की कटान पर अंकुश नहीं लगा पा रही। वहीं डीएफओ केसी बाजपेई ने बताया कि वन माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। 

उठाए जा रहे प्रभावी कदम 
प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए जन जागरूकता भी जरूरी है। प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने व जनसहयोग की जरूरत है। -कृष्ण लाल तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन


पेड़ ही जीवन के आधार
लोगों को प्रकृति प्रदत्त चीजों को अपनाना होगा। साइकिल व सीएनजी तथा बैट्री चालित वाहनों का अधिक प्रयोग करना होगा। लोग बच्चों के जन्म दिन पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और बड़ा होने तक उसकी देखभाल करें। ऐसे संसाधनों का उपयोग करें, जिससे प्रदूषण न फैले। -डॉ. प्रकाश विजय, पर्यावरणविद
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