{"_id":"579e40f54f1c1be3762b8dc1","slug":"five-thousand-population-of-the-budiabalmu-lived-in-without-electric","type":"story","status":"publish","title_hn":"बौढ़ियाबालमऊ की पांच हजार आबादी अंधेरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बौढ़ियाबालमऊ की पांच हजार आबादी अंधेरे में
Amar ujala Bureau
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo
खुशियारी गांव में जंक्शन का डिस्क पंक्चर होने से बौढ़ियाबालमऊ की 5000 आबादी बीते पांच दिन से अंधेरे में है। सप्लाई नहीं मिलने से छह राजकीय नलकूप भी ठप हो गए हैं। पानी के अभाव में किसानों की धान की रोपाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों की स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के बौढ़ियाबालमऊ गांव की विद्यत आपूर्ति सरस्वती नगर विद्युत उपकेंद्र से की जाती है। छह दिन पहले खुशियारी गांव में स्थित जंक्शन का डिस्क खराब हो गया था। डिस्क पंक्चर होने से बौढ़ियाबालमऊ की सप्लाई बंद हो गई है। तब से गांव की करीब पांच हजार आबादी रात के अंधेरे में गुजर-बसर करने को मजबूर है।
राजीव गांधी विद्युत परियोजना के तहत विभिन्न पुरवों मैदैया, गोला, डंड़वा, मिसिरान में छह ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनसे छह राजकीय नलकूप व करीब 100 घरों की विद्युत आपूर्ति होती है। डिस्क पंक्चर होने की शिकायत गांव के किसानों व विद्युत उपभोक्ताओं ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों की स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के बौढ़ियाबालमऊ गांव की विद्यत आपूर्ति सरस्वती नगर विद्युत उपकेंद्र से की जाती है। छह दिन पहले खुशियारी गांव में स्थित जंक्शन का डिस्क खराब हो गया था। डिस्क पंक्चर होने से बौढ़ियाबालमऊ की सप्लाई बंद हो गई है। तब से गांव की करीब पांच हजार आबादी रात के अंधेरे में गुजर-बसर करने को मजबूर है।
विज्ञापन
राजीव गांधी विद्युत परियोजना के तहत विभिन्न पुरवों मैदैया, गोला, डंड़वा, मिसिरान में छह ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनसे छह राजकीय नलकूप व करीब 100 घरों की विद्युत आपूर्ति होती है। डिस्क पंक्चर होने की शिकायत गांव के किसानों व विद्युत उपभोक्ताओं ने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से की।
विज्ञापन