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ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज
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सुल्तानपुर। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार पाए जाने पर जिला मजिस्ट्रेट ने मोतिगरपुर विकासखंड के मैरी रंजीत ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। भ्रष्टाचार के दौरान ग्राम पंचायत का कार्य करने वाले दो सेक्रेटरियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। ये कार्रवाई डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पर की है।
मैरी रंजीत गांव निवासी राम किशुन की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में गठित अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जांच की थी। शिकायत में स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा, शौचालय व पंचायत भवन की मरम्मत समेत कई कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।
तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में तकरीबन सभी कार्यों में करीब साढ़े चार लाख रुपये की गड़बड़ी पाई गई है। इसके पहले जिला विकास अधिकारी की ओर से की गई जांच में भी गड़बड़ी पाई गई थी। तीन सदस्यीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर डीएम सी इंदुमती ने मैरी रंजीत ग्राम प्रधान जयराज के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
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तत्कालीन सेक्रेटरी राधेश्याम व हरीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई का आदेश डीडीओ व डीपीआरओ को दिया है। इसमें हरीश कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता को अंतिम जांच सौंपी है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर डीएम ने ये कार्रवाई की है।
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मैरी रंजीत गांव निवासी राम किशुन की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में गठित अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम ने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की जांच की थी। शिकायत में स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा, शौचालय व पंचायत भवन की मरम्मत समेत कई कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था।
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तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में तकरीबन सभी कार्यों में करीब साढ़े चार लाख रुपये की गड़बड़ी पाई गई है। इसके पहले जिला विकास अधिकारी की ओर से की गई जांच में भी गड़बड़ी पाई गई थी। तीन सदस्यीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर डीएम सी इंदुमती ने मैरी रंजीत ग्राम प्रधान जयराज के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
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तत्कालीन सेक्रेटरी राधेश्याम व हरीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई का आदेश डीडीओ व डीपीआरओ को दिया है। इसमें हरीश कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता को अंतिम जांच सौंपी है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर डीएम ने ये कार्रवाई की है।