फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   fever

फटी मच्छरदानी में लिटाए गए डेंगू पीड़ित

Wed, 08 Sep 2021 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 11:42 PM IST
विज्ञापन
fever
11.12. सुल्तानपुर जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों की फटी मच्छरदानी को दिखाते तीमारदार। - फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में दो मरीज डेंगू पॉजिटिव भर्ती हैं। भर्ती मरीजों को जो मच्छरदानी दी गई है, वह कई स्थानों पर फटी है। इसी वार्ड में बेड कम होने की वजह से वायरल फीवर के मरीज भी भर्ती किए गए हैं। डेंगू पीड़ित मरीजों की देखभाल में बरती जा रही लापरवाही से अन्य मरीजों में भी डेंगू का खतरा है। जिले में वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन डेढ़ से दो सौ पीड़ित पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में बेटी रूपा को लेकर भर्ती मां शांति ने बताया कि मच्छरदानी के लिए कई बार स्टाफ नर्स से लेकर चिकित्सक से बात की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी वार्ड में डेंगू से पीड़ित दीपेंद्र के भाई हरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार से वह भाई को लेकर भर्ती है। मच्छरदानी फटी है। कई बार बदलने को कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना।
विज्ञापन

वायरल के मरीजों से भरे सरकारी व प्राइवेट अस्पताल
सुल्तानपुर। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल से लेकर नर्सिंग होम तक में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं है। प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या बच्चों की है। हालत यह है कि जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित आ रहे हैं। यही हाल निजी अस्पतालों का भी है। करीब पखवारे भर से जिले के लोग संक्रामक बीमारियों से परेशान हैं। वायरल फीवर से लेकर मलेरिया व डेंगू तक के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीड़ितों में बच्चों की संख्या भी काफी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि मौसमी बीमारियों की वजह से इन दिनों अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो गया है। बुधवार को मरीजों की संख्या करीब 1500 तक पहुंच गई, जबकि अन्य दिनों में करीब 1200 मरीज ही अस्पताल आ रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

लक्षण और बचाव
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि वायरल फीवर में तेज बुखार, सर्दी, जुकाम, शरीर में टूटन के साथ झटके भी आते हैं। वायरल बुखार होने पर तत्काल मरीज को स्नान कराएं तथा शरीर को कपड़े से पोछ दें। धूप से बचें। पानी उबाल करके पीना चाहिए। तेज बुखार होने पर तत्काल नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा का सेवन करें।
पंद्रह दिनों तक एहतियात जरूरी
सुल्तानपुर। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में बच्चे तेजी से वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं बची है। कक्षा-एक से लेकर कक्षा-आठ तक के स्कूल खुलने की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं। मौजूदा समय में बच्चों में फैल रहा फ्लू संक्रामक है। इससे बचने के लिए बच्चों को भीड़-भाड़ से दूर रखने की जरूरत है। अभिभावकों और शिक्षकों को ध्यान देना होगा। करीब 15 दिनों तक एहतियात जरूरी है।

क्लोरोक्वीन 4800, प्राइमॉक्सिन की 2010 खुराक उपलब्ध
सुल्तानपुर। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) वंशीलाल ने बताया कि मौजूदा समय में जिले में तीन मलेरिया के केस हैं। इसके साथ ही छह डेंगू के मरीज पाए गए थे जबकि चार डेंगू के संदिग्ध केस भी मिले हैं। जहां भी डेंगू के केस पाए गए हैं, वहां दवा का छिड़काव कराया गया है। मलेरिया से पीड़ित मरीजों को दी जाने वाली क्लोरोक्वीन की 4800 खुराक और प्राइमॉक्सिन की 2010 खुराक उपलब्ध है। जिले की सभी सीएचसी से संपर्क किया गया है। आशा के माध्यम से हरित पट्टिका बनाकर मरीजों को सीधे जिला अस्पताल पहुंचाने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed