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Sultanpur News: बेटी की शादी के दौरान पिता की मौत, नहीं हुई विदाई
Sat, 02 Dec 2023 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 02 Dec 2023 11:58 PM IST
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दोस्तपुर थाने के भरथुआ गांव में मृतक के घर के सामने बैठे लोग । - संवाद
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दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र दोस्तपुर के भरथुआ में शुक्रवार रात एक परिवार में शादी की खुशियां अचानक गम में बदल गईं। द्वाराचार के बाद दुल्हन के पिता अचानक बेहोश हो गए। उन्हें सीएचसी दोस्तपुर ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। किसी तरह वैवाहिक कार्यक्रम तो हुआ लेकिन शनिवार को दुल्हन की विदाई नहीं हुई। बरात बिना दुल्हन के लौट गई।
भरथुआ गांव के चंद्रवली वर्मा (65) की पुत्री की शुक्रवार को शादी थी। उनके घर पर अंबेडकरनगर के पटेल नगर से बरात आई थी। घराती पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया। बरात दरवाजे पर पहुंची तो द्वाराचार शुरू हुआ। इसके बाद चंद्रबली बरात रुकने के स्थल पर व्यवस्था देखने चले गए।
इसी बीच अचानक वह बेहोश हो गए। आनन-फानन उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी जब घर पहुंची तो परिवार में मातम छा गया। नम आखों से किसी तरह वैवाहिक कार्यक्रम पूरा कराया गया। बिना पिता के ही कन्यादान की रस्म पूरी की गई। शनिवार सुबह पिता की मौत से दुखी बेटी की विदाई नहीं की गई। बिना दुल्हन के बरात लौट गई। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
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भरथुआ गांव निवासी चंद्रबली की छह संतान हैं। बड़ी बेटी रीमा, पुत्र सत्येंद्र व पुत्री संजू का विवाह हो चुका है। चौथी पुत्री रंजू का शुक्रवार को विवाह हुआ। वहीं अभी निशा व शिखा का विवाह नहीं हुआ है। शनिवार को रंजू की डोली उठनी थी लेकिन उसकी जगह पिता की अर्थी उठी। गांव में ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र सत्येंद्र ने पिता को मुखाग्नि दी।
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भरथुआ गांव के चंद्रवली वर्मा (65) की पुत्री की शुक्रवार को शादी थी। उनके घर पर अंबेडकरनगर के पटेल नगर से बरात आई थी। घराती पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया। बरात दरवाजे पर पहुंची तो द्वाराचार शुरू हुआ। इसके बाद चंद्रबली बरात रुकने के स्थल पर व्यवस्था देखने चले गए।
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इसी बीच अचानक वह बेहोश हो गए। आनन-फानन उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी जब घर पहुंची तो परिवार में मातम छा गया। नम आखों से किसी तरह वैवाहिक कार्यक्रम पूरा कराया गया। बिना पिता के ही कन्यादान की रस्म पूरी की गई। शनिवार सुबह पिता की मौत से दुखी बेटी की विदाई नहीं की गई। बिना दुल्हन के बरात लौट गई। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
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भरथुआ गांव निवासी चंद्रबली की छह संतान हैं। बड़ी बेटी रीमा, पुत्र सत्येंद्र व पुत्री संजू का विवाह हो चुका है। चौथी पुत्री रंजू का शुक्रवार को विवाह हुआ। वहीं अभी निशा व शिखा का विवाह नहीं हुआ है। शनिवार को रंजू की डोली उठनी थी लेकिन उसकी जगह पिता की अर्थी उठी। गांव में ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र सत्येंद्र ने पिता को मुखाग्नि दी।