फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   fasting women gave arghya to the rising sun

निर्जला व्रतधारी महिलाओं ने दिया उगते सूर्य को अर्घ्य

Sun, 03 Nov 2019 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
fasting women gave arghya to the rising sun
सुल्तानपुर। संतान की लंबी आयु व परिवार की सुख समृद्धि की कामना के साथ डाला छठ पर्व पर 36 घंटे का निर्जला व्रतधारी महिलाओं ने शहर के सीताकुंड घाट स्थित आदि गंगा गोमती में उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।
विज्ञापन

भोर से ही आदि गंगा गोमती में खड़ीं व्रती महिलाओं पर नदी का ठंडा पानी उनकी आस्था के आगे बौना साबित हुआ। सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद चार दिनों तक चलने वाली इस तपस्या का अंतिम चरण खुशनुमा माहौल में समाप्त हुआ। घर पहुंचकर महिलाओं ने अपने व्रत का पारण किया।
विज्ञापन

गोमती नदी के सीताकुंड घाट पर शनिवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर वापस घर लौटीं। निर्जला व्रतधारी महिलाएं पूरी रात पास-पड़ोस की महिलाओं के साथ रतजगा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों के साथ महिलाएं रविवार को सुबह भास्कर भगवान को अर्र्घ्य देने के इंतजार में समूह के साथ रात में छठ माता के गीतें गाती रहीं। सुबह जल्दी उठने के लिए घरों में घड़ी व मोबाइल में अलार्म लगाए गए थे।
रविवार को भोर से ही स्नान ध्यान के बाद लोगों का हुजूम एक बार फिर आदि गंगा गोमती नदीके किनारे सीताकुंड घाट पर जुट गया। 36 घंटे का व्रत रखने वाली महिलाओं के साथ चलने वाले वयस्क व बच्चों के सिर पर पूजा के सामान थे।
भोर में घरों से निकली समूह में निकली महिलाओं ने छठ माता का गीत गाते हुए घाट पर पहुंची। हाथ में कलश और उस पर जलते दीपक के साथ घरों से आदि गंगा गोमती में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए निकलीं व्रती महिलाओं से मार्ग पर उजाला हो गया।
सूर्योदय का समय नजदीक आने के साथ ही घाट पर भीड़ बढ़ती गई। देखते ही देखते घाट पर हजारों की संख्या जुट गई। आदि गंगा गोमती नदी में पूरब की ओर मुंह करके खड़ी निर्जला व्रतधारी महिलाओं ने सूर्य की किरण निकलने तक तपस्या की। घाट पर छठ मइया की गीत गूंजते रहे।
भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने दान पुण्य किया और घर पहुंचकर चौखट की पूजा की। इसके बाद बेदी पर चढ़ाए गए चने को निगलकर व्रत का पारण किया। चार दिवसीय डाला छठ के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष राजकुमार सोनी, पूर्व अध्यक्ष गोपालजी सोनी आदि ने सभी के प्रति आभार जताया।
चार दिवसीय डाला छठ पर्व के अंतिम दिन आदि गंगा गोमती नदी के किनारे सीताकुंड घाट पर युवाओं में सेल्फी का जबरदस्त उत्साह रहा। परिवार के साथ घाट पर पहुंचे युवक और युवतियों ने पर्व को यादगार बनाने के लिए अपनों के साथ सेल्फी ली।
नाव में बैठकर लोगों ने सुबह के मौसम का लुत्फ उठाया। इस दौरान नाव पर खड़े होकर लोगों ने नदी आदि के दृश्यों को अपनी मोबाइल में कैद किया।
डाला छठ के अंतिम दिन रविवार को भोर में शहर के चौक, विवेकनगर, दरियापुर समेत कई मोहल्लों से सीताकुंड घाट पर आदि गंगा गोमती नदी में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए महिलाओं का समूह निकला।

निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं के परिवार के बच्चे गाजे-बाजे की धुन पर नाचते हुए सीताकुंड घाट पहुंचे। महिलाओं के अर्घ्य देने के बाद बच्चों ने पर्व की खुशी में गुब्बारे छोड़े और जमकर आतिशबाजी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed