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Sultanpur News: बूंदाबांदी से किसान खुश, फसलों को होगा फायदा
Sun, 29 Dec 2024 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 29 Dec 2024 12:28 AM IST
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आलू की फसल
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सुल्तानपुर। जिले भर में शनिवार को बूंदाबांदी होने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बारिश की बूंदों के रूप में मानो सोना बरसा। किसानों के मुताबिक इस बूंदाबांदी से सभी फसलों को फायदा होगा। यदि बारिश हुई तो सबसे ज्यादा लाभ गेहूं की फसल होगा। फूल वाली दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार से मौसम में परिवर्तन होगा। कोहरा पड़ने व बूंदाबांदी होने की संभावना है।
जिले में शनिवार सुबह से दोपहर तक हुई हल्की बूंदाबांदी से आई मौसम में ठंडक ने किसानों के चेहरों पर रौनक लौटा दी। किसान बूंदाबांदी को गेहूं, चना, मटर, अरहर व सरसों की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। किसानों ने बताया कि सर्दी के इस मौसम में बूंदाबांदी ऐसे समय हुई है, जब इसकी सर्वाधिक जरूरत थी। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी रबी की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। फसलें बेहतर ढंग से पोषक तत्व ग्रहण कर अपना विकास कर पाएंगी। बूंदाबांदी से किसानों की गेहूं व सरसों की फसल को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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आलू की फसल पर बढ़ा झुलसा रोग का खतरा
मौसम में उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। इससे दलहनी-तिलहनी और आलू की फसलों पर रोग का खतरा बढ़ गया है। खासकर आलू की फसलों पर झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह से ही धूप रही और रात में भी ठंडक कम होने के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में सामान्य से अधिक बढ़त दर्ज की गई। किसान इस बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। करौंदीकलां विकास खंड के किसान ईश नारायण दुबे ने बताया कि आलू की फसल में रोग लगने के डर से हजारों रुपये की दवाओं का छिड़काव कर चुके हैं।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने कहा कि फसल में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई पड़ने पर मौंकोजेब का छिड़काव करें। आलू की फसल में झुलसा रोग के प्रकोप को रोकने के लिए मैंकोजेब दो ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। साथ ही झुलसा लगने पर रीडोमिल दो ग्राम एक लीटर पानी में मिला कर छिड़काव कर सकते हैं।
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जिले में शनिवार सुबह से दोपहर तक हुई हल्की बूंदाबांदी से आई मौसम में ठंडक ने किसानों के चेहरों पर रौनक लौटा दी। किसान बूंदाबांदी को गेहूं, चना, मटर, अरहर व सरसों की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। किसानों ने बताया कि सर्दी के इस मौसम में बूंदाबांदी ऐसे समय हुई है, जब इसकी सर्वाधिक जरूरत थी। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी रबी की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। फसलें बेहतर ढंग से पोषक तत्व ग्रहण कर अपना विकास कर पाएंगी। बूंदाबांदी से किसानों की गेहूं व सरसों की फसल को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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आलू की फसल पर बढ़ा झुलसा रोग का खतरा
मौसम में उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। इससे दलहनी-तिलहनी और आलू की फसलों पर रोग का खतरा बढ़ गया है। खासकर आलू की फसलों पर झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह से ही धूप रही और रात में भी ठंडक कम होने के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में सामान्य से अधिक बढ़त दर्ज की गई। किसान इस बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के कारण फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। करौंदीकलां विकास खंड के किसान ईश नारायण दुबे ने बताया कि आलू की फसल में रोग लगने के डर से हजारों रुपये की दवाओं का छिड़काव कर चुके हैं।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने कहा कि फसल में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई पड़ने पर मौंकोजेब का छिड़काव करें। आलू की फसल में झुलसा रोग के प्रकोप को रोकने के लिए मैंकोजेब दो ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। साथ ही झुलसा लगने पर रीडोमिल दो ग्राम एक लीटर पानी में मिला कर छिड़काव कर सकते हैं।