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सियासी दुर्ग बचाने में कामयाब हुए महारथी
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सुल्तानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुछ सियासी सूरमा अपना दुर्ग बचाने में कामयाब रहे। इसमें एक पूर्व विधायक, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, कांग्रेस जिलाध्यक्ष व सपा जिलाध्यक्ष शामिल हैं।
चुनाव में दो ने स्वयं मोर्चा संभाला था लेकिन अन्य ने परिवारीजनों को मैदान में उतारा था। पंचायत चुनाव ने अच्छे-अच्छे सियासी सूरमाओं को जमीन दिखा दी है। हालांकि चुनाव में कुछ ऐसे भी सियासतदां रहे जिन्होंने जनता में अपनी मजबूत पकड़ को साबित करते हुए चुनावी किला फतह किया।
इसौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू ने जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट महिला के लिए आरक्षित होने पर अपनी बहन अर्चना सिंह को वार्ड नंबर 24 से मैदान में उतारा था। बहन को विजय दिलाकर पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके अनुज यशभद्र सिंह मोनू ने क्षेत्र में अपना दबदबा कायम रखा है।
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निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने वार्ड नंबर 25 से करीब 15,000 वोटों से चुनाव जीतकर अपनी जमीनी पकड़ को साबित किया है। चुनाव में ऊषा सिंह के पति शिवकुमार सिंह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने अपनी पत्नी सोनी सिंह को वार्ड नंबर 11 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताकर अपनी पकड़ साबित की है।
सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपालर यादव ने अपनी भाभी केशा यादव को वार्ड नंबर 42 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताकर प्रभाव कायम रखा है। कांग्रेस नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी ने वार्ड नंबर 16 से चुनाव जीतकर क्षेत्र में अपनी मजबूती दिखाई है। तीन बार वे खुद जबकि एक बार उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। वार्ड नंबर 31 से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रामशंकर यादव ने पत्नी उर्मिला यादव को चुनाव जितवा कर अपनी सियासी जमीन के मजबूत होने का एहसास कराया है।
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चुनाव में दो ने स्वयं मोर्चा संभाला था लेकिन अन्य ने परिवारीजनों को मैदान में उतारा था। पंचायत चुनाव ने अच्छे-अच्छे सियासी सूरमाओं को जमीन दिखा दी है। हालांकि चुनाव में कुछ ऐसे भी सियासतदां रहे जिन्होंने जनता में अपनी मजबूत पकड़ को साबित करते हुए चुनावी किला फतह किया।
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इसौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू ने जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट महिला के लिए आरक्षित होने पर अपनी बहन अर्चना सिंह को वार्ड नंबर 24 से मैदान में उतारा था। बहन को विजय दिलाकर पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके अनुज यशभद्र सिंह मोनू ने क्षेत्र में अपना दबदबा कायम रखा है।
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निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने वार्ड नंबर 25 से करीब 15,000 वोटों से चुनाव जीतकर अपनी जमीनी पकड़ को साबित किया है। चुनाव में ऊषा सिंह के पति शिवकुमार सिंह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने अपनी पत्नी सोनी सिंह को वार्ड नंबर 11 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताकर अपनी पकड़ साबित की है।
सपा जिलाध्यक्ष पृथ्वीपालर यादव ने अपनी भाभी केशा यादव को वार्ड नंबर 42 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताकर प्रभाव कायम रखा है। कांग्रेस नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी ने वार्ड नंबर 16 से चुनाव जीतकर क्षेत्र में अपनी मजबूती दिखाई है। तीन बार वे खुद जबकि एक बार उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। वार्ड नंबर 31 से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रामशंकर यादव ने पत्नी उर्मिला यादव को चुनाव जितवा कर अपनी सियासी जमीन के मजबूत होने का एहसास कराया है।