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रोक के बाद भी कर दी 27 लाख के डेस्क-बेंच की आपूर्ति
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सुल्तानपुर। जिले के 12 पंचायत सचिवों ने रोक के बाद भी ग्रामनिधि खाते से प्राथमिक विद्यालयों को करीब 27 लाख रुपये के डेस्क व बेंच की आपूर्ति कर दी। आपूर्ति मद में धनराशि का भुगतान भी कर दिया। मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने आरोपी पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर भुगतान की गई धनराशि को ग्राम निधि खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।
जिले की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने शासन व डीपीआरओ की रोक के बाद भी मनमाने ढंग से डेस्क व बेंच की आपूर्ति के मद में ग्राम निधि के खाते से 26,89,467 रुपये का भुगतान कर डाला। इसमें जयसिंहपुर के अमिलिया सिकरा के पंचायत सचिव नीलकमल कनौजिया ने अकेले करीब आठ लाख 32 हजार रुपये का भुगतान डेस्क-बेंच मद में कर दिया।
इसी तरह दूबेपुर के बंधुआकलां के सचिव अरुण कुमार, भाईं के धर्मेंद्र कुुमार, बिसानी के मन्नु कुमार गौड़, धर्मदासपुर के लक्ष्मणराम, पिकौरा की श्रद्धा त्रिपाठी व पैगापुर के रमेश कुमार ने बराबर एक लाख 81 हजार 888 रुपये का भुगतान कर दिया।
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इसके अलावा हरिहर ईशापुर की सावित्री पटेल ने 96,628, खैंचिलाकलां के रविप्रताप सिंह ने 1,13,680, लौहरपश्चिम की सावित्री पटेल ने 1,93,256, ओदरा के मनोज कुमार ने 1,66,600, पकड़ी के बृजेश तिवारी ने 1,95,755 रुपये का भुगतान डेस्क-बेंच के मद में ग्राम निधि के खाते से कर दिया।
मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ आरके भारती ने इसे गंभीरता से लिया है। रोक के बाद भी डेस्क-बेंच मद में ग्राम निधि खाते से भुगतान किए जाने पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने आरोपी 12 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर दिया है।
नोटिस जारी करते हुए उन्होंने तीन दिन के भीतर डेस्क-बेंच के मद में भुगतान की गई धनराशि को ग्राम पंचायत के ग्राम निधि खाते में जमा कराकर रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। धनराशि जमा न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हालांकि डीपीआरओ की सख्ती पर पैगापुर के पंचायत सचिव रमेश कुमार ने डेस्क-बेंच के मद में किए गए 1,81,888 रुपये को ग्राम निधि खाते में जमा कराते हुए रसीद उपलब्ध करा दी है लेकिन अन्य 11 पंचायत सचिवों ने अभी तक राशि वापस नहीं की है।
जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आपूर्ति बेसिक शिक्षा विभाग से की जानी है। ग्राम निधि की धनराशि से विद्यालयों का कायाकल्प, सामुदायिक प्रसाधनों व पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाना है। 12 पंचायत सचिवों ने मनमाने तरीके से इस मद में भुगतान करके धनराशि का दुरुपयोग किया है। धनराशि वापस जमा न करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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जिले की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने शासन व डीपीआरओ की रोक के बाद भी मनमाने ढंग से डेस्क व बेंच की आपूर्ति के मद में ग्राम निधि के खाते से 26,89,467 रुपये का भुगतान कर डाला। इसमें जयसिंहपुर के अमिलिया सिकरा के पंचायत सचिव नीलकमल कनौजिया ने अकेले करीब आठ लाख 32 हजार रुपये का भुगतान डेस्क-बेंच मद में कर दिया।
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इसी तरह दूबेपुर के बंधुआकलां के सचिव अरुण कुमार, भाईं के धर्मेंद्र कुुमार, बिसानी के मन्नु कुमार गौड़, धर्मदासपुर के लक्ष्मणराम, पिकौरा की श्रद्धा त्रिपाठी व पैगापुर के रमेश कुमार ने बराबर एक लाख 81 हजार 888 रुपये का भुगतान कर दिया।
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इसके अलावा हरिहर ईशापुर की सावित्री पटेल ने 96,628, खैंचिलाकलां के रविप्रताप सिंह ने 1,13,680, लौहरपश्चिम की सावित्री पटेल ने 1,93,256, ओदरा के मनोज कुमार ने 1,66,600, पकड़ी के बृजेश तिवारी ने 1,95,755 रुपये का भुगतान डेस्क-बेंच के मद में ग्राम निधि के खाते से कर दिया।
मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ आरके भारती ने इसे गंभीरता से लिया है। रोक के बाद भी डेस्क-बेंच मद में ग्राम निधि खाते से भुगतान किए जाने पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने आरोपी 12 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर दिया है।
नोटिस जारी करते हुए उन्होंने तीन दिन के भीतर डेस्क-बेंच के मद में भुगतान की गई धनराशि को ग्राम पंचायत के ग्राम निधि खाते में जमा कराकर रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। धनराशि जमा न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हालांकि डीपीआरओ की सख्ती पर पैगापुर के पंचायत सचिव रमेश कुमार ने डेस्क-बेंच के मद में किए गए 1,81,888 रुपये को ग्राम निधि खाते में जमा कराते हुए रसीद उपलब्ध करा दी है लेकिन अन्य 11 पंचायत सचिवों ने अभी तक राशि वापस नहीं की है।
जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आपूर्ति बेसिक शिक्षा विभाग से की जानी है। ग्राम निधि की धनराशि से विद्यालयों का कायाकल्प, सामुदायिक प्रसाधनों व पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाना है। 12 पंचायत सचिवों ने मनमाने तरीके से इस मद में भुगतान करके धनराशि का दुरुपयोग किया है। धनराशि वापस जमा न करने वालों पर कार्रवाई होगी।