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एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीद घोटाले में पालिका ईओ सस्पेंड
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सुल्तानपुर। नगरपालिका में 85 लाख 25 हजार रुपये की एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीद घोटाले में शासन ने अधिशाषी अधिकारी को निलंबित कर दिया। निलंबन के साथ ही शासन ने वसूली करने के साथ ही उन्हें डीएम कार्यालय से संबद्घ कर दिया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जांच सहायक निदेशक लेखा नगर विकास को सौंपी है।
नगरपालिका में 90 व 120 वाट की करीब 2,000 एलईडी लाइट खरीद में सभासद डॉ. संतोष सिंह ने घोटाले का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने प्रकरण की जांच की थी।
उनकी जांच में नगर पालिका में 90 व 120 वाट की 1000-1000 एलईडी लाइटों की खरीद में घोटाला उजागर हुआ था। जांच में 90 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद में 43,75,000 रुपये व 120 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद में 41,50,000 रुपये का घोटाला पाया गया था। दोनों लाइटों की खरीद में कुल 85 लाख 25 हजार का घोटाला मिला था।
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जांच में एलईडी लाइट की खरीद मार्केट रेट से दोगुना में करने व शासन के खरीद संबंधी गाइडलाइन को तार-तार करने का भी आरोप पाया गया। डीएम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। रिपोर्ट पर शासन की गाज ईओ पर गिरी है। शासन ने पालिका के अधिशाषी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी को निलंबित कर दिया है। वसूली समेत अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी शासन ने पत्र में संकेत दिया है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सहायक निदेशक लेखा नगर विकास को जांच सौंपी है। निलंबित ईओ को कलेक्ट्रेट के एलबीसी पटल से संबद्ध कर दिया गया है। पालिका ईओं पर विकास कार्यों एवं शिलान्यास के पटों पर जनप्रतिनिधियों का नाम नहीं अंकित कराने का भी आरोप लगा है। लाइट खरीद घोटाले में नगरपालिका के ईओ के निलंबन से पालिका में हड़कंप मचा है। पालिका कर्मी सकते में आ गए हैं।
शासन ने ईओ को निलंबित करते हुए जांच सहायक निदेशक लेखा नगर विकास को सौंपी है। जांच के बाद ही धनराशि की वसूली संबंधी निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा। जांच के लिए इससे संबंधित कागजात शासन को भेजे जाएंगे। - रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी।
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नगरपालिका में 90 व 120 वाट की करीब 2,000 एलईडी लाइट खरीद में सभासद डॉ. संतोष सिंह ने घोटाले का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने प्रकरण की जांच की थी।
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उनकी जांच में नगर पालिका में 90 व 120 वाट की 1000-1000 एलईडी लाइटों की खरीद में घोटाला उजागर हुआ था। जांच में 90 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद में 43,75,000 रुपये व 120 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद में 41,50,000 रुपये का घोटाला पाया गया था। दोनों लाइटों की खरीद में कुल 85 लाख 25 हजार का घोटाला मिला था।
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जांच में एलईडी लाइट की खरीद मार्केट रेट से दोगुना में करने व शासन के खरीद संबंधी गाइडलाइन को तार-तार करने का भी आरोप पाया गया। डीएम ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। रिपोर्ट पर शासन की गाज ईओ पर गिरी है। शासन ने पालिका के अधिशाषी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी को निलंबित कर दिया है। वसूली समेत अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी शासन ने पत्र में संकेत दिया है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सहायक निदेशक लेखा नगर विकास को जांच सौंपी है। निलंबित ईओ को कलेक्ट्रेट के एलबीसी पटल से संबद्ध कर दिया गया है। पालिका ईओं पर विकास कार्यों एवं शिलान्यास के पटों पर जनप्रतिनिधियों का नाम नहीं अंकित कराने का भी आरोप लगा है। लाइट खरीद घोटाले में नगरपालिका के ईओ के निलंबन से पालिका में हड़कंप मचा है। पालिका कर्मी सकते में आ गए हैं।
शासन ने ईओ को निलंबित करते हुए जांच सहायक निदेशक लेखा नगर विकास को सौंपी है। जांच के बाद ही धनराशि की वसूली संबंधी निर्णय शासन की ओर से लिया जाएगा। जांच के लिए इससे संबंधित कागजात शासन को भेजे जाएंगे। - रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी।