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सड़क पर उतरा पंचायतराज महकमा
Amarujala Bureau
Updated Fri, 10 Jun 2016 10:26 PM IST
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कर्मचारियों ने निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम विकास विभाग के कार्यों से मुक्ति दिलाते हुए अपने विभागीय कार्यक्रम संचालित करने का पूर्ण अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को पंचायतराज सेवा परिषद के अधिकारी/कर्मचारी सड़क पर उतर पड़े। शहर के रणंजय इंटर कॉलेज खेल मैदान में एक दिवसीय धरना देने के बाद जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया।
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पंचायतराज विभाग कर्मियों को (डीपीआरओ से लेकर सफाई कर्मी तक) शासन के आदेश पर ग्राम विकास विभाग से समन्वय बनाकर काम करना पड़ता है। अरसा पूर्व से चली आ रही इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए पंचायत राज सेवा परिषद आगे आया है। संगठन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहर के रणंजय इंटर कॉलेज खेल मैदान में एक दिवसीय धरना दिया।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए डीपीआरओ एसबी सिंह ने कहा कि शासन की ओर से 1987 में जारी एक आदेश के बाद गठित ग्राम्य विकास विभाग ने पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बनाकर रख दिया है। आलम यह है कि काम हमारे कर्मी करते हैं लेकिन श्रेय और मानदेय ग्राम विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उठाते हैं।
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डीपीआरओ ने कहा कि इस व्यवस्था को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में एडीपीआरओ आशुतोष कुमार, संयुक्त मंत्री प्रशांत कुमार शुक्ल, रामजी प्रसाद मिश्र, नंदलाल मिश्र, अंकुर बरनवाल, आरपी सिंह, ऊधव सिंह सहित पूरे जिले के एडीओ पंचायत व सफाई कर्मी मौजूद रहे।