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पांचों विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार बसपा का सफाया
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सुल्तानपुर। जिले में चली भाजपा की आंधी में बसपा का लगातार तीसरी बार सफाया हो गया। चुनाव की गणना में एक सीट को छोड़कर अन्य सीटों पर कभी बसपा के प्रत्याशी मुकाबले में नहीं दिखे। पांचों सीटों पर बसपा के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
विधानसभा चुनाव में प्रदेश के अन्य स्थानों की तरह जिले में भी भाजपा की लहर के सामने कोई दल टिक नहीं सका। भाजपा की सपा से हुई आमने-सामने की टक्कर में बसपा का जिले की पांचों विधानसभा सीट पर लगातार तीसरी बार सफाया हो गया। इसौली में बसपा प्रत्याशी यशभद्र सिंह मोनू ने संघर्ष में बीच-बीच में लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की लेकिन अंत में वे करीब 14 हजार मतों से पिछड़ गए। पांचों विधानसभा सीटों में एकमात्र इसौली ही रहा, जहां बसपा प्रत्याशी को सर्वाधिक 53 हजार से अधिक वोट हासिल हो सका। इसके अलावा चारों प्रत्याशी 50 हजार मतों का आंकड़ा नहीं पार कर सके। इसौली को छोड़कर बाकी चारों विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी शुरुआत से ही तीसरे नंबर पर रहे और अंत तक उसी पर कायम रहे।
बसपा की ओर से पांचों क्षेत्र में उतारे गए प्रत्याशियों में मत पाने के मामले में कादीपुर के बसपा प्रत्याशी हीरालाल करीब साढ़े 46 हजार, लंभुआ के अवनीश कुमार सिंह गुड्डू को करीब 42 हजार व सदर के ओपी सिंह को करीब 40 हजार वोट मिल सके। सबसे खराब प्रदर्शन सुल्तानपुर के बसपा प्रत्याशी डॉ. डीएस मिश्रा का रहा। उन्हें सिर्फ साढ़े 22 हजार वोट ही मिल सके। इसके पहले वर्ष 2012 और 2017 में भी जिले में बसपा का खराब हाल रहा। वर्ष 2012 में सपा ने पांचों सीट जीतकर बसपा का सफाया कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2017 में भाजपा ने चार व सपा ने एक सीट पर कब्जा करके बसपा को बाहर कर दिया था। इस बार फिर भाजपा ने चार व सपा ने एक सीट पर अपना परचम लहरा कर बसपा का सफाया कर दिया।
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विधानसभा चुनाव में प्रदेश के अन्य स्थानों की तरह जिले में भी भाजपा की लहर के सामने कोई दल टिक नहीं सका। भाजपा की सपा से हुई आमने-सामने की टक्कर में बसपा का जिले की पांचों विधानसभा सीट पर लगातार तीसरी बार सफाया हो गया। इसौली में बसपा प्रत्याशी यशभद्र सिंह मोनू ने संघर्ष में बीच-बीच में लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की लेकिन अंत में वे करीब 14 हजार मतों से पिछड़ गए। पांचों विधानसभा सीटों में एकमात्र इसौली ही रहा, जहां बसपा प्रत्याशी को सर्वाधिक 53 हजार से अधिक वोट हासिल हो सका। इसके अलावा चारों प्रत्याशी 50 हजार मतों का आंकड़ा नहीं पार कर सके। इसौली को छोड़कर बाकी चारों विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी शुरुआत से ही तीसरे नंबर पर रहे और अंत तक उसी पर कायम रहे।
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बसपा की ओर से पांचों क्षेत्र में उतारे गए प्रत्याशियों में मत पाने के मामले में कादीपुर के बसपा प्रत्याशी हीरालाल करीब साढ़े 46 हजार, लंभुआ के अवनीश कुमार सिंह गुड्डू को करीब 42 हजार व सदर के ओपी सिंह को करीब 40 हजार वोट मिल सके। सबसे खराब प्रदर्शन सुल्तानपुर के बसपा प्रत्याशी डॉ. डीएस मिश्रा का रहा। उन्हें सिर्फ साढ़े 22 हजार वोट ही मिल सके। इसके पहले वर्ष 2012 और 2017 में भी जिले में बसपा का खराब हाल रहा। वर्ष 2012 में सपा ने पांचों सीट जीतकर बसपा का सफाया कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2017 में भाजपा ने चार व सपा ने एक सीट पर कब्जा करके बसपा को बाहर कर दिया था। इस बार फिर भाजपा ने चार व सपा ने एक सीट पर अपना परचम लहरा कर बसपा का सफाया कर दिया।
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