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बिजली उत्पादन में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुई चार घंटे की कटौती
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सुल्तानपुर। बिजली उत्पादन में कोयले की कमी का असर जिले में पड़ना शुरू हो गया है। उत्पादन में कमी आने से ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे की बिजली कटौती शुरू हो गई है। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। जल्द ही बिजली उत्पादन नहीं बढ़ने पर हालत और बदतर होने के आसार हैं।
देश के साथ प्रदेश में उपजे कोयला संकट का असर जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। कोयले की कमी से बिजली घरों में उत्पादन घटने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीक ऑवर (अत्यंत जरूरत के समय) में करीब चार घंटे की बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। दो दिन से चल रही बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की हालत है।
शाम की बिजली कटौती का असर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित करीब 42 विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विद्युत उत्पादन गृहों पर कोयले की कमी जल्द पूरा नहीं होने पर हालत और बदतर होने के आसार हैं। हालांकि अभी तक विद्युत वितरण मंडल ने शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था यथावत बनाए रखी है। उत्पादन नहीं बढ़ने पर इसका असर शहरी क्षेत्र में भी पड़ने के आसार बताए जा रहे हैं।
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शाम पांच से रात नौ बजे तक हो रही कटौती
विद्युत उत्पादन में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली शाम पांच बजे से शुरू कर दी गई है। शाम पांच बजे से होने वाली बिजली कटौती रात करीब नौ बजे तक की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में शासन की ओर से इस वक्त बिजली कटौती नहीं करने का निर्देश दिया गया था लेकिन पीक ऑवर में कटौती की जा रही है। कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति का रोस्टर भी गड़बड़ा गया है। हालांकि अधिकारी इसकी भरपाई की बात कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भरपाई नहीं हो पा रही है।
हालत सामान्य होते दी जाएगी पूरी बिजली
अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल धीरज सिन्हा ने बताया कि कोयले की कमी से उत्पादन में असर पूरे देश में पड़ा है। उत्पादन में कमी आने व व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटौती की जा रही है। हालत सामान्य होते ही पूरी बिजली दी जाएगी।
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देश के साथ प्रदेश में उपजे कोयला संकट का असर जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। कोयले की कमी से बिजली घरों में उत्पादन घटने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पीक ऑवर (अत्यंत जरूरत के समय) में करीब चार घंटे की बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। दो दिन से चल रही बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की हालत है।
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शाम की बिजली कटौती का असर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित करीब 42 विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विद्युत उत्पादन गृहों पर कोयले की कमी जल्द पूरा नहीं होने पर हालत और बदतर होने के आसार हैं। हालांकि अभी तक विद्युत वितरण मंडल ने शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था यथावत बनाए रखी है। उत्पादन नहीं बढ़ने पर इसका असर शहरी क्षेत्र में भी पड़ने के आसार बताए जा रहे हैं।
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शाम पांच से रात नौ बजे तक हो रही कटौती
विद्युत उत्पादन में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली शाम पांच बजे से शुरू कर दी गई है। शाम पांच बजे से होने वाली बिजली कटौती रात करीब नौ बजे तक की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व में शासन की ओर से इस वक्त बिजली कटौती नहीं करने का निर्देश दिया गया था लेकिन पीक ऑवर में कटौती की जा रही है। कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति का रोस्टर भी गड़बड़ा गया है। हालांकि अधिकारी इसकी भरपाई की बात कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भरपाई नहीं हो पा रही है।
हालत सामान्य होते दी जाएगी पूरी बिजली
अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल धीरज सिन्हा ने बताया कि कोयले की कमी से उत्पादन में असर पूरे देश में पड़ा है। उत्पादन में कमी आने व व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटौती की जा रही है। हालत सामान्य होते ही पूरी बिजली दी जाएगी।