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Sultanpur News: ई-रिक्शों ने फेल की यातायात व्यवस्था
Sun, 03 Sep 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 03 Sep 2023 11:59 PM IST
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सुल्तानपुर में बस स्टेशन के पास से गुजरते ई-रिक्शा। -संवाद
सुल्तानपुर। शहर में चलने वाले ई-रिक्शों ने ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह फेल कर दिया है। इनके लिए कोई भी रूट तय नहीं किया जा सका है। यातायात पुलिस भी ई-रिक्शों को रूट के मुताबिक संचालित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इससे बस स्टेशन, गोलाघाट, रेलवे स्टेशन, चौक, मेडिकल कॉलेज समेत अन्य स्थानों पर अक्सर जाम लगता रहता है।
शहर में करीब तीन हजार से अधिक ई-रिक्शे संचालित हैं। यूं तो नगर पालिका ने टेंपों व टैक्सी के लिए पांच स्टैंड तय किए हैं लेकिन ई-रिक्शों के लिए कोई भी पार्किंग स्थल नहीं बना है। ई-रिक्शा चालक जहां चाहते हैं, वहीं से सवारियां भरना शुरू कर देते हैं। इससे यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
दीवानी चौराहा, गोलाघाट, बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज तिराहा, कुड़वारनाका, रेलवे स्टेशन, लखनऊ नाका ओवरब्रिज, दरियापुर तिराहा, बाधमंडी, शाहगंज, डाकखाना, नार्मल चौराहा व राहुल तिराहा से लेकर अन्य स्थानों पर दिन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शे दिखाई पड़ते हैं। इनके लिए कोई भी रूट नहीं तय किया गया है। इससे व्यस्ततम क्षेत्रों में जाम की नौबत आ जाती है। जाम में फंसकर लोग घंटों परेशान होते हैं।
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बीते साल बनी थी यह योजना
बीते वर्ष ई-रिक्शों का रूट चार्ट बनाया गया था। शहर के चार प्रमुख मार्गों पर चलने वाले ई-रिक्शों का रंग निर्धारित हुआ था। ई-रिक्शों को पेंट करने का जिम्मा यातायात पुलिस को दिया गया था। करौंदिया से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शों को पीले रंग से पेंट किया जाना था। अमहट से बस स्टेशन रूट के ई-रिक्शों का रंग लाल तय किया गया था। पयागीपुर से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शे हरे रंग में पेंट किए जाने थे। टेढुई मोड़ से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शों को नीले रंग में पेंट किया जाना था। उस समय करीब सात सौ ई-रिक्शों को पेंट कराया गया था। बाद में यह योजना भी धरी की धरी रह गई।
अभी नहीं बन सकी कोई व्यवस्था
शहर में ई-रिक्शों के रूट नए सिरे से निर्धारित किए जाएंगे। पहले के रूट चार्ट पर अधिकारियों की सहमति से योजना तैयार की जाएगी। अभी कोई व्यवस्था नहीं बन सकी है।
-छोटेलाल, टीएसआई
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शहर में करीब तीन हजार से अधिक ई-रिक्शे संचालित हैं। यूं तो नगर पालिका ने टेंपों व टैक्सी के लिए पांच स्टैंड तय किए हैं लेकिन ई-रिक्शों के लिए कोई भी पार्किंग स्थल नहीं बना है। ई-रिक्शा चालक जहां चाहते हैं, वहीं से सवारियां भरना शुरू कर देते हैं। इससे यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
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दीवानी चौराहा, गोलाघाट, बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज तिराहा, कुड़वारनाका, रेलवे स्टेशन, लखनऊ नाका ओवरब्रिज, दरियापुर तिराहा, बाधमंडी, शाहगंज, डाकखाना, नार्मल चौराहा व राहुल तिराहा से लेकर अन्य स्थानों पर दिन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शे दिखाई पड़ते हैं। इनके लिए कोई भी रूट नहीं तय किया गया है। इससे व्यस्ततम क्षेत्रों में जाम की नौबत आ जाती है। जाम में फंसकर लोग घंटों परेशान होते हैं।
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बीते साल बनी थी यह योजना
बीते वर्ष ई-रिक्शों का रूट चार्ट बनाया गया था। शहर के चार प्रमुख मार्गों पर चलने वाले ई-रिक्शों का रंग निर्धारित हुआ था। ई-रिक्शों को पेंट करने का जिम्मा यातायात पुलिस को दिया गया था। करौंदिया से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शों को पीले रंग से पेंट किया जाना था। अमहट से बस स्टेशन रूट के ई-रिक्शों का रंग लाल तय किया गया था। पयागीपुर से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शे हरे रंग में पेंट किए जाने थे। टेढुई मोड़ से बस स्टेशन तक चलने वाले ई-रिक्शों को नीले रंग में पेंट किया जाना था। उस समय करीब सात सौ ई-रिक्शों को पेंट कराया गया था। बाद में यह योजना भी धरी की धरी रह गई।
अभी नहीं बन सकी कोई व्यवस्था
शहर में ई-रिक्शों के रूट नए सिरे से निर्धारित किए जाएंगे। पहले के रूट चार्ट पर अधिकारियों की सहमति से योजना तैयार की जाएगी। अभी कोई व्यवस्था नहीं बन सकी है।
-छोटेलाल, टीएसआई