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Sultanpur News: दयालबाग विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होंगी डॉ. अरुण की पुस्तकें
Mon, 28 Oct 2024 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 28 Oct 2024 01:43 AM IST
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सुल्तानपुर। 'आधुनिक संस्कृत साहित्य की महिला रचनाधर्मिता' और 'समकालिक संस्कृत साहित्य विचार और विमर्श ' नामक दो पुस्तकें दयालबाग विश्वविद्यालय आगरा के पाठ्यक्रम के लिए चयनित हुईं हैं। इन दोनों पुस्तकों का लेखन युवा साहित्यकार डॉ. अरुण निषाद ने किया है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अर्जुनपुर (बेलहरी) गांव निवासी युवा साहित्यकार डॉ.अरुण कुमार निषाद मदर टेरेसा महिला महाविद्यालय कटकाखानपुर द्वारिकागंज में संस्कृत विषय के सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। डाॅ. अरुण ने अभी तक पांच पुस्तकों का लेखन किया है। इसमें से दो पुस्तकें अब दयालबाग विश्वविद्यालय के संस्कृत विषय के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएंगी। यह जानकारी डॉ. निषाद को दयालबाग विश्वविद्यालय आगरा की संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता ने दी। डॉ. निषाद ने इसका श्रेय ईश्वर, अपने परिवारजनों, शुभचिन्तकों और मित्रों को दिया है। इससे जिले के साहित्यकारों में खुशी है।
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जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अर्जुनपुर (बेलहरी) गांव निवासी युवा साहित्यकार डॉ.अरुण कुमार निषाद मदर टेरेसा महिला महाविद्यालय कटकाखानपुर द्वारिकागंज में संस्कृत विषय के सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। डाॅ. अरुण ने अभी तक पांच पुस्तकों का लेखन किया है। इसमें से दो पुस्तकें अब दयालबाग विश्वविद्यालय के संस्कृत विषय के पाठ्यक्रम में शामिल की जाएंगी। यह जानकारी डॉ. निषाद को दयालबाग विश्वविद्यालय आगरा की संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता ने दी। डॉ. निषाद ने इसका श्रेय ईश्वर, अपने परिवारजनों, शुभचिन्तकों और मित्रों को दिया है। इससे जिले के साहित्यकारों में खुशी है।
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