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Sultanpur News: बारिश में कान की अनदेखी न करें, संक्रमण के मामले बढ़े
Thu, 02 Jul 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:30 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में लगी मरीजों व तीमारदारों की भीड़।-संवाद
सुल्तानपुर। बारिश से लगातार बढ़ रही नमी और कान में पानी जाने से कान दर्द, खुजली, बहने और सुनाई कम देने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में कान के फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के नाक, कान एवं गला (ईएनटी) विभाग में बृहस्पतिवार को सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक मरीज पहुंचे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंबर केसरवानी ने बताया कि पहले करीब 80 मरीज इलाज के लिए आते थे, जबकि बृहस्पतिवार को यह संख्या बढ़कर लगभग 170 पहुंच गई। इनमें अधिकांश मरीज कान दर्द, खुजली, कान बहने और सुनाई कम देने की शिकायत लेकर पहुंचे। बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे अंकित मिश्र ने बताया कि नहाते समय कान में पानी चला गया था। बाद में कान साफ करने की कोशिश की तो तेज दर्द शुरू हो गया। अहिमाने निवासी सुशील कुमार ने बताया कि बारिश में भीगने के बाद रात में कान बहने लगा, जिसके चलते सुबह अस्पताल पहुंचना पड़ा।
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ऐसे रखें कानों का ध्यान
नहाते समय जरूरत हो तो कान में रूई लगाएं।
बारिश में भीगने के बाद कान को सूखा रखें।
कान में दर्द, खुजली या पानी आने पर तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं।
माचिस की तीली, हेयर पिन या अन्य नुकीली वस्तु से कान साफ न करें।
बिना डॉक्टर की सलाह के सरसों का तेल या कोई घरेलू तरल पदार्थ कान में न डालें।
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मेडिकल कॉलेज के नाक, कान एवं गला (ईएनटी) विभाग में बृहस्पतिवार को सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक मरीज पहुंचे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंबर केसरवानी ने बताया कि पहले करीब 80 मरीज इलाज के लिए आते थे, जबकि बृहस्पतिवार को यह संख्या बढ़कर लगभग 170 पहुंच गई। इनमें अधिकांश मरीज कान दर्द, खुजली, कान बहने और सुनाई कम देने की शिकायत लेकर पहुंचे। बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।
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मेडिकल कॉलेज पहुंचे अंकित मिश्र ने बताया कि नहाते समय कान में पानी चला गया था। बाद में कान साफ करने की कोशिश की तो तेज दर्द शुरू हो गया। अहिमाने निवासी सुशील कुमार ने बताया कि बारिश में भीगने के बाद रात में कान बहने लगा, जिसके चलते सुबह अस्पताल पहुंचना पड़ा।
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ऐसे रखें कानों का ध्यान
नहाते समय जरूरत हो तो कान में रूई लगाएं।
बारिश में भीगने के बाद कान को सूखा रखें।
कान में दर्द, खुजली या पानी आने पर तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराएं।
माचिस की तीली, हेयर पिन या अन्य नुकीली वस्तु से कान साफ न करें।
बिना डॉक्टर की सलाह के सरसों का तेल या कोई घरेलू तरल पदार्थ कान में न डालें।