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बाहर की दवा लिखने पर बिफरे डीएम, चिकित्सक को फटकार
Amarujala Bureau
Updated Fri, 09 Jun 2017 10:12 PM IST
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जिला अस्पताल का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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शासन की सख्ती के बावजूद जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को डीएम ने जिला अस्पताल व महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो खामियों का अंबार मिला। डीएम को कई मरीजों ने बाहर से महंगी दवाएं लिखने का न सिर्फ पर्चा दिखाया बल्कि दवा भी दिखाई। डीएम ने महिला अस्पताल में संविदा पर तैनात एक महिला चिकित्सक की बर्खास्तगी और एक पुरुष चिकित्सक के निलंबन के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस को गंदगी के लिए डीएम ने कड़ी फटकार लगाई।
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जिलाधिकारी हरेंद्रवीर सिंह शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। डीएम ने इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। दुष्कर्म पीड़ित बच्ची का हाल लिया। सीएमएस को निर्देश दिया कि बच्ची को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने पीड़ित परिवार को भी हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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इसके बादडीएम ने पेइंग वार्ड, जांच कक्ष और आर्थोवार्ड में पहुंचकर मरीजों से बातचीत की। डीएम को एक मरीज ने पर्चा दिखाते हुए कहा कि डॉ. राय ने उसे बाहर से महंगी दवाएं लिखी हैं। डीएम ने तत्काल डॉ. राय को मौके पर बुलाया। डॉ. राय ने कहा कि जो दवा उन्होंने बाहर से लिखी है, वह अस्पताल में उपलब्ध नहीं थी और मरीज को देना जरूरी था, लिहाजा लिखनी पड़ीं। डॉ. राय को दोबारा ऐसा न करने की हिदायत देते हुए डीएम आईसीयू वार्ड पहुंच गए। आईसीयू वार्ड में बेड पर फटी चादरें देखकर डीएम का पारा चढ़ गया।
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उन्होंने सीएमएस डॉ. जलालुद्दीन को कड़ी फटकार लगाई। पूर्व में ऊर्जा राज्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान भी गंदगी मिली थी, लेकिन आप पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस पर सीएमएस ने कहा कि अभी तक चादरें धोबी धोकर लाता था। जल्द ही ड्राई क्लीनिंग की व्यवस्था हो जाएगी। करीब पौन घंटा जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद डीएम जिला महिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम इमरजेंसी कक्ष की जांच करने के बाद ऑपरेशन कक्ष पहुंचे और डॉ. आनंद सिंह से जानकारी ली। इसके बाद डीएम सीधा ओपीडी पहुंचे। तभी पांच-छह महिलाएं वहां पहुंच गईं। महिलाओं ने डीएम को पर्चा दिखाते हुए बताया कि डॉ. रिचा शुक्ला और डॉ. केके भट्ट ने उन्हें महंगी दवाएं लिखी हैं। इस पर डीएम ने तत्काल दोनों चिकित्सकों को पास बुलाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संविदा पर तैनात डॉ. रिचा शुक्ला की बर्खास्तगी और डॉ. केके भट्ट के निलंबन के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही है।