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अभी तक 78 हजार मीट्रिक टन धान की हो सकी खरीद
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सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही क्रय केंद्रों पर धान की खरीद मंद पड़ गई है। जिले में लक्ष्य एक लाख दो हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी तक 70 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। अधिकारियों के चुनाव में व्यस्त होते ही कई क्रय केंद्र बंद से हो गए हैं। तीन केंद्रों पर अभी तक खरीद ही नहीं शुरू हो सकी है। इसका असर किसानों पर पड़ रहा है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू होते ही अधिकारी निर्वाचन कार्यों में व्यस्त हो गए हैं। अधिकारियों के चुनावी व्यस्तता का फायदा क्रय एजेंसियां उठा रही हैं। करीब पखवारे भर से जिले में धान खरीद मंद हो गई है। कुछ केंद्र बंद से हो गए हैं। क्रय केंद्रों पर जाने वाले किसानों को प्रभारियों की ओर से खरीद का लक्ष्य पूरा होने का बहाना बनाकर वापस कर दिया जा रहा है। इसके पीछे सक्रिय बिचौलियों की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक बिचौलियों के जरिए खरीद की जा रही है। हालांकि इसके बाद भी अभी तक एक लाख दो हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष पांचों एजेंसियां करीब 70 हजार मीट्रिक टन धान ही खरीद सकी हैं।
अभी खरीद एजेंसियां लक्ष्य से करीब 32 हजार मीट्रिक टन दूर हैं। अधिकारियों के मुताबिक धान की खरीद 28 फरवरी तक की जानी है। समय को देखते हुए अधिकारी समय रहते लक्ष्य पूरा करने की बात कह रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि धान खरीद में तेजी लाने का निर्देश एजेंसियों को दिया गया है। गड़बड़ी पर नजर रखी जा रही है। कहीं गड़बड़ी प्रकाश में आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शुरू नहीं हो सके तीन केंद्र
कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिले में पीसीएफ की ओर से तीन क्रय केंद्र खोले गए थे। स्वीकृति के बाद तीनों केंद्रों को खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ की ओर से पोर्टल पर अभी तक अपलोड नहीं किया जा सका है। इस संबंध में डीएम की ओर से पत्राचार भी किया जा चुका है। इसके बाद भी आज तक लंभुआ के केनौरा व हरिहरपुर और बल्दीराय के तिरहुंत के क्रय केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका।
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विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू होते ही अधिकारी निर्वाचन कार्यों में व्यस्त हो गए हैं। अधिकारियों के चुनावी व्यस्तता का फायदा क्रय एजेंसियां उठा रही हैं। करीब पखवारे भर से जिले में धान खरीद मंद हो गई है। कुछ केंद्र बंद से हो गए हैं। क्रय केंद्रों पर जाने वाले किसानों को प्रभारियों की ओर से खरीद का लक्ष्य पूरा होने का बहाना बनाकर वापस कर दिया जा रहा है। इसके पीछे सक्रिय बिचौलियों की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक बिचौलियों के जरिए खरीद की जा रही है। हालांकि इसके बाद भी अभी तक एक लाख दो हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष पांचों एजेंसियां करीब 70 हजार मीट्रिक टन धान ही खरीद सकी हैं।
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अभी खरीद एजेंसियां लक्ष्य से करीब 32 हजार मीट्रिक टन दूर हैं। अधिकारियों के मुताबिक धान की खरीद 28 फरवरी तक की जानी है। समय को देखते हुए अधिकारी समय रहते लक्ष्य पूरा करने की बात कह रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि धान खरीद में तेजी लाने का निर्देश एजेंसियों को दिया गया है। गड़बड़ी पर नजर रखी जा रही है। कहीं गड़बड़ी प्रकाश में आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शुरू नहीं हो सके तीन केंद्र
कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिले में पीसीएफ की ओर से तीन क्रय केंद्र खोले गए थे। स्वीकृति के बाद तीनों केंद्रों को खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ की ओर से पोर्टल पर अभी तक अपलोड नहीं किया जा सका है। इस संबंध में डीएम की ओर से पत्राचार भी किया जा चुका है। इसके बाद भी आज तक लंभुआ के केनौरा व हरिहरपुर और बल्दीराय के तिरहुंत के क्रय केंद्र का संचालन शुरू नहीं हो सका।