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Sultanpur News: पितृ बाधा निवारण के लिए श्रद्धालुओं ने किया त्रिपिंडी विधान
Thu, 01 Oct 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 01 Oct 2026 12:52 AM IST
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सुल्तानपुर। पितृ पक्ष के क्रम में बुधवार को शहर के सीताकुंड घाट पर श्राद्ध और तर्पण का आयोजन हुआ। स्थानीय लोगों के साथ दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के माध्यम से अपने पूर्वजों का विधि-विधान से श्राद्ध कराया। पितृ बाधा निवारण के लिए श्रद्धालुओं ने त्रिपिंडी विधान भी कराया।
कथा प्रवाचक बृजेशाचार्य महाराज ने बताया कि त्रिपिंडी विधान पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल के तट पर किया जाता है। इसमें स्नान के बाद देव, ऋषि और पितरों का तर्पण कर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसके बाद तीन अलग-अलग कलश स्थापित कर सात्विक, राजस और तामस स्वरूप के प्रतीक पिंड अर्पित किए जाते हैं। पंडित बालमुकुंद मिश्र ने बताया कि विधान में संकल्प, तर्पण और पिंडदान के बाद श्रद्धानुसार दान किया जाता है। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की शांति और तृप्ति की कामना से अनुष्ठान कराया। (संवाद)
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कथा प्रवाचक बृजेशाचार्य महाराज ने बताया कि त्रिपिंडी विधान पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल के तट पर किया जाता है। इसमें स्नान के बाद देव, ऋषि और पितरों का तर्पण कर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसके बाद तीन अलग-अलग कलश स्थापित कर सात्विक, राजस और तामस स्वरूप के प्रतीक पिंड अर्पित किए जाते हैं। पंडित बालमुकुंद मिश्र ने बताया कि विधान में संकल्प, तर्पण और पिंडदान के बाद श्रद्धानुसार दान किया जाता है। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की शांति और तृप्ति की कामना से अनुष्ठान कराया। (संवाद)
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