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Sultanpur News: 12 किमी साइकिल...फिर मैदान में कमाल, पलक ने जीता रजत
Thu, 01 Oct 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:09 AM IST
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भदैंया। मंजिल दूर, साधन सीमित...फिर भी हौसलाें की उड़ान से कारनामा कर दिखाया। पूरे बाघराय की रहने वाली कक्षा आठ की छात्रा पलक रोज करीब 12 किमी साइकिल चलाकर जिला स्टेडियम पहुंचती है। पसीना बहाकर वॉलीबॉल की बारीकियां सीखती है। फिर उसी साइकिल से घर लौटती है। इसी जुनून ने उसे प्रदेश के खेल मंच तक पहुंचाया, जहां उसने रजत पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया।
नारायणपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पलक ने 24 से 28 सितंबर तक प्रयागराज में हुई 70 वीं प्रदेशीय स्कूली वॉलीबॉल प्रतियोगिता के उप-जूनियर वर्ग में अयोध्या मंडल का प्रतिनिधित्व किया। टीम की प्रमुख सदस्य के रूप में उसने हर मुकाबले में दमखम दिखाया। उसके प्रदर्शन की बदौलत जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला। विद्यालय के शिक्षक मुनेंद्र मिश्रा ने बताया कि पलक पढ़ाई के साथ खेल में पूरी मेहनत करती है। प्रशिक्षक प्रदीप यादव के मुताबिक उसे जो अभ्यास दिया जाता है, उसे पूरा किए बिना वह रुकती नहीं।
खेती-किसानी करते हैं पिता
पलक के पिता राकेश खेती करते हैं और मां करमा देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही साधारण हो, लेकिन बेटी के सपनों के रास्ते में कभी कमी नहीं आने दी। पलक भी इस भरोसे को अपनी मेहनत से मजबूत कर रही है। सुबह-शाम की थकान और मौसम की परवाह किए बिना उसका अभ्यास जारी रहता है।
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नारायणपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पलक ने 24 से 28 सितंबर तक प्रयागराज में हुई 70 वीं प्रदेशीय स्कूली वॉलीबॉल प्रतियोगिता के उप-जूनियर वर्ग में अयोध्या मंडल का प्रतिनिधित्व किया। टीम की प्रमुख सदस्य के रूप में उसने हर मुकाबले में दमखम दिखाया। उसके प्रदर्शन की बदौलत जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला। विद्यालय के शिक्षक मुनेंद्र मिश्रा ने बताया कि पलक पढ़ाई के साथ खेल में पूरी मेहनत करती है। प्रशिक्षक प्रदीप यादव के मुताबिक उसे जो अभ्यास दिया जाता है, उसे पूरा किए बिना वह रुकती नहीं।
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खेती-किसानी करते हैं पिता
पलक के पिता राकेश खेती करते हैं और मां करमा देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही साधारण हो, लेकिन बेटी के सपनों के रास्ते में कभी कमी नहीं आने दी। पलक भी इस भरोसे को अपनी मेहनत से मजबूत कर रही है। सुबह-शाम की थकान और मौसम की परवाह किए बिना उसका अभ्यास जारी रहता है।
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