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डेस्क बेंच पर पढ़ेंगे 483 स्कूलों के 50 हजार बच्चे
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सुल्तानपुर। जिले के 483 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 50 हजार बच्चों को डेस्क-बेंच पर पढ़ने की सुविधा मिलेगी। फर्नीचर आपूर्ति के लिए शासन की ओर से छह करोड़ 29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चिह्नित विद्यालयों में फर्नीचर की आपूर्ति शुरू गई है।
परिषदीय विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से परिपूर्ण करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत विद्यालय में चहारदीवारी निर्माण, प्रसाधन निर्माण, कक्षा कक्षों का टाइलीकरण, हैंडवाशिंग यूनिट, पेयजल व्यवस्था समेत 14 बिंदुओं पर ग्राम पंचायत निधि से काम कराया जा रहा है। अब तक लगभग 84 फीसदी काम पूरे भी हो चुके हैं। इसके साथ शासन ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले चरण में जिले के 483 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शासन स्तर से चयनित किए गए हैं। फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए छह करोड़ 29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
थ्री सीटर डेस्क बेंच पर बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। साथ ही स्कूल बैग और बोतल रखने के लिए बेंच में जगह बनाई गई है। आपूर्तिकर्ता फर्म की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर भेजे भी जा रहे हैं। जल्द ही सभी चिह्नित 483 विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति हो जाने से लगभग 50,000 छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें टाट पट्टी की बजाए डेस्क बेंच पर अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी। फर्नीचर पर बैठ कर पढ़ाई करने से छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही विद्यालय में ठहराव की स्थिति में भी सुधार होगा।
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परिषदीय विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से परिपूर्ण करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत विद्यालय में चहारदीवारी निर्माण, प्रसाधन निर्माण, कक्षा कक्षों का टाइलीकरण, हैंडवाशिंग यूनिट, पेयजल व्यवस्था समेत 14 बिंदुओं पर ग्राम पंचायत निधि से काम कराया जा रहा है। अब तक लगभग 84 फीसदी काम पूरे भी हो चुके हैं। इसके साथ शासन ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहले चरण में जिले के 483 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शासन स्तर से चयनित किए गए हैं। फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए छह करोड़ 29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
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थ्री सीटर डेस्क बेंच पर बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। साथ ही स्कूल बैग और बोतल रखने के लिए बेंच में जगह बनाई गई है। आपूर्तिकर्ता फर्म की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर भेजे भी जा रहे हैं। जल्द ही सभी चिह्नित 483 विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति हो जाने से लगभग 50,000 छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्हें टाट पट्टी की बजाए डेस्क बेंच पर अध्ययन की सुविधा मिल सकेगी। फर्नीचर पर बैठ कर पढ़ाई करने से छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही विद्यालय में ठहराव की स्थिति में भी सुधार होगा।
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