दादी की मौत पर रिक्रूट सिपाही को नहीं मिली छुट्टी, उठाया ऐसा कदम अधिकारी भी हैरान
शहर से सटे दादूपुर के पास पुलिस ट्रेनिंग सेंटर है। 18 अगस्त को 2019 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुए मोहम्मद नदीम (25) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी मुरादाबाद की ट्रेनिंग सुल्तानपुर में चल रही थी। नदीम बैरक नंबर पांच में अन्य साथियों के साथ रहता था। शनिवार सुबह करीब सात बजे बैरक नंबर पांच के अन्य रिक्रूट परेड में चले गए, जबकि नदीम बैरक में ही रुक गया।
परेड के बाद जब अन्य रिक्रूट बैरक में लौटे तो नदीम का शव मफलर से बंधे फंदे पर लटक रहा था। साथियों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के प्रतिसार निरीक्षक शमीउल्ला को दी। घटना से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे प्रतिसार निरीक्षक व अन्य लोगों ने शव फंदे से उतारा। प्रतिसार निरीक्षक शमीउल्ला ने बताया कि नदीम काफी पढ़ा लिखा था। वह अक्सर अपने साथियों से बड़ा अधिकारी बनने की बात करता था।
साथियों के अनुसार इन दिनों वह तनाव में चल रहा था। घटना की सूचना नदीम के घरवालों को दी गई है। अभी उसके घरवाले नहीं पहुंचे हैं। घरवालों के आने के बाद कुछ अन्य जानकारी मिलने की उम्मीद है। एसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि उन्होंने खुद ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण किया है। प्रथमदृष्टया खुदकुशी का मामला प्रतीत हो रहा है। रिक्रूट ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है।
नदीम के कंधे पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी
नदीम के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। तीन बहनों की शादी के साथ ही छोटे भाई को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाने की हसरत सीने में लिए नदीम पुलिस में भर्ती हुआ था। शनिवार को उसकी मौत की सूचना जैसे ही घर पहुंची परिवार में कोहराम मच गया। मुरादाबाद से पूरा परिवार ट्रेन से अमेठी होता हुआ जिले में पहुंचा।
मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के पीपलसाना निवासी मोहम्मद सलीम के परिवार में पत्नी बिलकीस बानो के साथ ही दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बेटों में सबसे बड़ा मोहम्मद नदीम था। इसके बाद छोटा भाई समीर है। तीनों बहनें फरा, हिना और गुलनाज भी नदीम से छोटी हैं।
सलीम फेरी लगा कपड़े बेचकर किसी तरह परिवार पालते हैं। सलीम अपने बड़े बेटे नदीम को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे, लेकिन परिवार की बड़ी जिम्मेदारी होने के कारण नदीम ने पुलिस विभाग को चुना और 2018 में भर्ती हो गया। नदीम की ट्रेनिंग सुल्तानपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में चल रही थी।
नदीम की हसरत अपनी तीनों बहनों की शादी के साथ ही छोटे भाई को अफसर बनाने की थी। मगर शनिवार को नदीम की मौत की सूचना जैसे ही परिवार वालों को मिली, कोहराम मच गया। नदीम के पिता सलीम, चाचा, दोस्त गुलाम नबी मुरादाबाद से सुल्तानपुर पहुंच गए हैं।
दो दिन पूर्व दादी का इंतकाल होने पर मांगी थी छुट्टी
मुरादाबाद से सुल्तानपुर पहुंचे नदीम के बचपन के दोस्त गुलाम नबी ने बताया कि दो दिन पूर्व बृहस्पतिवार को नदीम की दादी महमूदी का इंतकाल हो गया था। नदीम अपनी दादी से बहुत प्यार करता था। दादी के जनाजे में शामिल होने के लिए उसने छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली।