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पुलिस की प्रताड़ना से तंग होकर युवक ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
Updated Sat, 04 Jun 2016 10:49 PM IST
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रोते परिवारीजन
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली क्षेत्र के करपिया गांव में पुलिस की प्रताड़ना से तंग टैंपो स्वामी युवक ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। परिवारीजनों का आरोप है कि कार और टैंपो में हुई भिड़ंत के बाद युवक का टैंपो छोड़ने के बदले पुलिस उससे पैसा मांग रही थी। युवक की मौत से नाराज परिवारीजनों ने पुलिस के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना के बाद पहुंचे सीओ और कोतवाल ने परिवारीजनों को काफी समझाया-बुझाया लेकिन वे पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के करपिया निवासी नरेंद्र प्रताप (25) पुत्र समर बहादुर टैंपो खरीदा है और खुद ही उसे चलाता है।
शुक्रवार की शाम अलीगंज के पास टैंपो की एक कार से टक्कर हो गई थी। दुर्घटना के बाद पहुंची अलीगंज पुलिस चौकी के सिपाहियों ने टैंपो को कब्जे में लेकर चौकी में बंद कर दिया था। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने नरेंद्र से कुछ रुपये वाहन छोड़ने के नाम पर तत्काल ले लिया और एक मोटी रकम के लिए उस पर दबाव बना रहे थे।
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पुलिस की प्रताड़ना से नरेंद्र काफी आहत था। नरेंद्र देर शाम घर पहुंचा और परिवारीजनों से पूरी बात बताई। शनिवार की सुबह जब परिवारीजन सोकर उठे तो नरेंद्र प्रताप का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटकता मिला। नरेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों ने पुलिस कर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना पाते ही सीओ मुसाफिरखाना सुमित शुक्ला और कोतवाल भी घटना स्थल पर पहुंच गए। सीओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया लेकिन परिवारीजन नहीं मानें। देर शाम तक परिवारीजनों को सीओ समझाने-बुझाने में जुटे हैं। उधर, परिवारीजन पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े हैं।
एक कार को टैंपो ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से कार वाले का काफी नुकसान हुआ था। दोनों पक्षों को लेकर पुलिस थाने पहुंची। टैंपो वाले ने मुकदमा नहीं दर्ज करने की बात कहते हुए कार के नुकसान के लिए खुद 10 हजार रुपये देने की बात कही थी। पुलिस ने उससे पैसा नहीं मांगा। इसके बावजूद परिवारीजनों के आरोपों की जांच कराई जाएगी। -हीरालाल, एसपी
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सूचना के बाद पहुंचे सीओ और कोतवाल ने परिवारीजनों को काफी समझाया-बुझाया लेकिन वे पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के करपिया निवासी नरेंद्र प्रताप (25) पुत्र समर बहादुर टैंपो खरीदा है और खुद ही उसे चलाता है।
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शुक्रवार की शाम अलीगंज के पास टैंपो की एक कार से टक्कर हो गई थी। दुर्घटना के बाद पहुंची अलीगंज पुलिस चौकी के सिपाहियों ने टैंपो को कब्जे में लेकर चौकी में बंद कर दिया था। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने नरेंद्र से कुछ रुपये वाहन छोड़ने के नाम पर तत्काल ले लिया और एक मोटी रकम के लिए उस पर दबाव बना रहे थे।
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पुलिस की प्रताड़ना से नरेंद्र काफी आहत था। नरेंद्र देर शाम घर पहुंचा और परिवारीजनों से पूरी बात बताई। शनिवार की सुबह जब परिवारीजन सोकर उठे तो नरेंद्र प्रताप का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटकता मिला। नरेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों ने पुलिस कर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना पाते ही सीओ मुसाफिरखाना सुमित शुक्ला और कोतवाल भी घटना स्थल पर पहुंच गए। सीओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया लेकिन परिवारीजन नहीं मानें। देर शाम तक परिवारीजनों को सीओ समझाने-बुझाने में जुटे हैं। उधर, परिवारीजन पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े हैं।
एक कार को टैंपो ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से कार वाले का काफी नुकसान हुआ था। दोनों पक्षों को लेकर पुलिस थाने पहुंची। टैंपो वाले ने मुकदमा नहीं दर्ज करने की बात कहते हुए कार के नुकसान के लिए खुद 10 हजार रुपये देने की बात कही थी। पुलिस ने उससे पैसा नहीं मांगा। इसके बावजूद परिवारीजनों के आरोपों की जांच कराई जाएगी। -हीरालाल, एसपी