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Shamli News: 200 करोड़ की ठगी में शामली का कनेक्शन, वेस्ट यूपी-दिल्ली के निवेशकों को बनाया निशाना
Sun, 23 Aug 2026 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:45 AM IST
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शामली। वेस्ट यूपी और दिल्ली के लोगों को निवेश के नाम पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले गिरोह के सरगना बागपत के बड़ौत निवासी नूर ने शामली के भी पचास से अधिक लोगों से ठगी की थी। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने शामली पुलिस को ब्योरा भेजते हुए सहयोग मांगा है।
दो दिन पूर्व गौतमबुद्धनगर पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य बीटेक पास नूर को गिरफ्तार किया था। शामली के गागौर निवासी रजत और लिलौन निवासी सागर की शिकायत पर मामला दर्ज की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। इसके बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने शामली पुलिस से सहयोग मांगा है। शामली जिले के भी 50 से अधिक लोग गिरोह की ठगी का शिकार हुए हैं। पुलिस ने पीड़ितों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार नूर और उसके साथियों ने शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद और दिल्ली के लोगों से भी रकम ठगी है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि नूर के लैपटॉप से 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और लेनदेन से संबंधित जानकारी मिली है। जांच में शामली के कई लोगों के भी उसके संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। गिरोह में शामली और बड़ौत के कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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शुरुआत में चार से पांच प्रतिशत रिटर्न देकर जीता भरोसा
शामली के लिलौन निवासी सागर ने बताया कि नूर और उसके साथी 100 रुपये के निवेश पर शुरुआत में चार से पांच प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा करते थे। झांसे में आकर उसने करीब 30 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं मिली। इसी तरह गागौर निवासी रजत के करीब 28 लाख रुपये ठगे गए हैं।
नोएडा में कार्यालय खोलकर दिखाता था अमीर बनने का सपना
पुलिस के अनुसार नूर ने नोएडा में कार्यालय खोल रखा था। यहां वह लोगों को निवेश के जरिए कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाता था। मोमेंटम सर्विस और माई ट्रेड नाम से फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाएं संचालित की जाती थीं। नकली एनआईएसएम प्रमाणपत्र और फर्जी दस्तावेज दिखाकर खुद को प्रोफेशनल ट्रेडर बताया जाता था।
दुबई में पार्टी का झांसा, विदेश कनेक्शन की जांच
जांच में नूर के तीन बार दुबई जाने की जानकारी सामने आई है। उसके पासपोर्ट भी पुलिस ने बरामद किए हैं। आरोप है कि वह निवेशकों को दुबई में पार्टी कराने और विदेश घुमाने का झांसा देकर विश्वास जीतता था। पुलिस अब उसके दुबई और अफगानिस्तान से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है।
बीटेक के बाद नौकरी छोड़कर शुरू की ठगी
पुलिस के अनुसार नूर ने गाजियाबाद से बीटेक किया था। इसके बाद नौकरी छोड़कर फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के माध्यम से लोगों से ठगी शुरू कर दी। उसके लैपटॉप से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मामले में सहयोग मांगा है। शामली में भी ठगी के पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक
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दो दिन पूर्व गौतमबुद्धनगर पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य बीटेक पास नूर को गिरफ्तार किया था। शामली के गागौर निवासी रजत और लिलौन निवासी सागर की शिकायत पर मामला दर्ज की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। इसके बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने शामली पुलिस से सहयोग मांगा है। शामली जिले के भी 50 से अधिक लोग गिरोह की ठगी का शिकार हुए हैं। पुलिस ने पीड़ितों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार नूर और उसके साथियों ने शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद और दिल्ली के लोगों से भी रकम ठगी है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि नूर के लैपटॉप से 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और लेनदेन से संबंधित जानकारी मिली है। जांच में शामली के कई लोगों के भी उसके संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। गिरोह में शामली और बड़ौत के कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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शुरुआत में चार से पांच प्रतिशत रिटर्न देकर जीता भरोसा
शामली के लिलौन निवासी सागर ने बताया कि नूर और उसके साथी 100 रुपये के निवेश पर शुरुआत में चार से पांच प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा करते थे। झांसे में आकर उसने करीब 30 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं मिली। इसी तरह गागौर निवासी रजत के करीब 28 लाख रुपये ठगे गए हैं।
नोएडा में कार्यालय खोलकर दिखाता था अमीर बनने का सपना
पुलिस के अनुसार नूर ने नोएडा में कार्यालय खोल रखा था। यहां वह लोगों को निवेश के जरिए कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाता था। मोमेंटम सर्विस और माई ट्रेड नाम से फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाएं संचालित की जाती थीं। नकली एनआईएसएम प्रमाणपत्र और फर्जी दस्तावेज दिखाकर खुद को प्रोफेशनल ट्रेडर बताया जाता था।
दुबई में पार्टी का झांसा, विदेश कनेक्शन की जांच
जांच में नूर के तीन बार दुबई जाने की जानकारी सामने आई है। उसके पासपोर्ट भी पुलिस ने बरामद किए हैं। आरोप है कि वह निवेशकों को दुबई में पार्टी कराने और विदेश घुमाने का झांसा देकर विश्वास जीतता था। पुलिस अब उसके दुबई और अफगानिस्तान से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है।
बीटेक के बाद नौकरी छोड़कर शुरू की ठगी
पुलिस के अनुसार नूर ने गाजियाबाद से बीटेक किया था। इसके बाद नौकरी छोड़कर फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के माध्यम से लोगों से ठगी शुरू कर दी। उसके लैपटॉप से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मामले में सहयोग मांगा है। शामली में भी ठगी के पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक