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विधायक समेत छह पर था गैंगरेप का आरोप

Sun, 12 Feb 2017 10:37 PM IST
Amar ujala Bureau
Amar ujala Bureau Updated Sun, 12 Feb 2017 10:37 PM IST
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MLA was accused in the matter
गांव में दहशत - फोटो : अमर उजाला

तीन साल पूर्व पीड़िता ने सदर विधायक समेत छह लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया था। उसने घटना में महिला सिपाही समेत दो महिलाओं पर आरोपियों की मदद की बात कही थी। अदालत में सुनवाई के दौरान मुकदमें में कई मोड़ आए। पीड़िता कभी सपा विधायक और उनके समर्थकों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाती तो कभी उन्हें क्लीन चिट देती रही। 

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जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को शहर से 18 सितंबर 2013 को अगवा कर लिया गया था। किशोरी को शहर के गोलाघाट के पास स्थित सुल्तानपुर गेस्ट हाउस में ले जाकर आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था। छह अक्तूबर 2013 को किशोरी की बरामदगी होने पर पुलिस ने उसका मेडिकल कराया था और नौ अक्तूबर 2013 को  कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराया था। मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में किशोरी ने सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा समेत छह लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
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पीड़िता ने एक महिला कांस्टेबल पर आरोपियों के सहयोग की बात कही थी। इसी मामले में किशोरी के पिता ने 19 नवंबर 2013 को सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा, सेमरी बाजार निवासी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ गुड्डू लाला, चोरमा निवासी वीरेंद्र सिंह उर्फ धीरेंद्र सिंह, मोतिगरपुर थाने के कैथवारा गांवा निवासी अनीता सिंह व उसके पुत्र आशू सिंह उर्फ आशुतोष और कोतवाली नगर के पांचोपीरन निवासी अंजुम खां व मोनू खां व कोतवाली नगर की महिला सिपाही पूनम यादव के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मॉनिटरिंग की अर्जी दी थी। उसने पुलिस पर आरोपियों के दबाव में निष्पक्ष विवेचना नहीं करने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाया था।
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पुलिस ने आरोपी अंजुम खां, आशू उर्फ आशुतोष, मोनू खां, अनीता सिंह व कृष्ण कुमार उर्फ गुड्डू लाला के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी जबकि विधायक अरुण वर्मा महिला सिपाही पूनम यादव व आरोपी वीरेंद्र सिंह उर्फ धीरेंद्र को घटना में शामिल नहीं होने के आधार पर क्लीन चिट दे दी थी। केस की सुनवाई के दौरान विधायक को क्लीन चिट देते हुए पीड़िता गवाही से मुकर गई थी। अदालत में उसकी जिरह जारी है। पीड़िता के होस्टाइल होने के बाद उसके पिता ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अर्जी देकर विधायक व अन्य आरोपियों को तलब करने की मांग की है। अर्जी के निस्तारण होने तक विधायक की मुश्किल बढ़ गई है। 

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