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स्टांप वेंडरों का लाखों रुपया लेकर कोषागार लिपिक गायब

Fri, 29 Apr 2016 10:13 PM IST
Amarujala Bureau
Amarujala Bureau Updated Fri, 29 Apr 2016 10:13 PM IST
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Clerk took lakhs from vendors and fled away.
कोषागार में दिनभर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

स्टांप पेपर देने के नाम पर मुख्य कोषागार का एक लिपिक वेंडरों का लाखों रुपया लेकर गायब हो गया। डेढ़ महीने बाद भी वेंडरों को लिपिक से न स्टांप पेपर मिला व न ही पैसे की वापसी हुई। इस पर वेंडर भड़क गए। शुक्रवार सुबह कोषागार पहुंचे वेंडरों ने कार्यालय के सामने हंगामा शुरू कर दिया।

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वेंडरों के प्रदर्शन से सकते में आए कोषागार विभाग ने लिपिक द्वारा ली गई धनराशि विभाग में न जमा होने की बात कह अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। विभाग के रिकॉर्ड में वेंडरों द्वारा लिपिक को दी गई धनराशि अंकित नहीं होने से मामला पेचीदा हो गया है। फिलहाल विभाग आरोपी लिपिक व वेंडरों को आमने-सामने कराकर प्रकरण को निस्तारित कराने का आश्वासन दे रहा है।
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मुख्य कोषागार का एक लिपिक स्टांप वेंडरों का लाखों रुपया लेकर गायब हो गया है। इसका खुलासा शुक्रवार को उसम समय हुआ जब जिले की चारों तहसीलों के वेंडर कोषागार के सामने प्रदर्शन करने पहुंच गए। वेंडरों का कहना था कि 17 व 18 मार्च को स्टांप पेपर लेने के लिए विभाग के लिपिक दर्शन को करीब 70 लाख रुपये दिए गए थे। इसमें चारों तहसीलों के स्टांप वेंडरों की रकम शामिल है।
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लिपिक ने सभी वेंडरों से पैसा तो ले लिया लेकिन उसके चालान की रिसीविंग किसी को नहीं दी। रिसीविंग बाद में देने को कहकर लिपिक ने पैसा अपने पास रख लिया। इसके बाद वेंडर लगातार स्टांप पेपर की मांग लिपिक से करते रहे। बार-बार मांग के बावजूद लिपिक ने न तो स्टांप पेपर कोषागार से दिया और न ही पैसा वापस किया। वेंडरों का दबाव अधिक बढ़ने पर आरोपी लिपिक दर्शन छुट्टी लेकर कार्यालय से गायब हो गया।


छुट्टी बीतने के बाद भी वापस नहीं आने पर शुक्रवार को चारों तहसीलों के दर्जनों वेंडर मुख्य कोषागार पहुंच गए। कोषागार कार्यालय के सामने वेंडरों ने पैसे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे से सकते में आए वरिष्ठ कोषाधिकारी ने लिपिक द्वारा लिया गया पैसा विभाग में नहीं जमा होना बताकर अपना हाथ खड़ा कर लिया। विभाग में पैसा नहीं जमा होने से वेंडरों को अपना लाखों रुपया डूबने का खतरा दिखने लगा है।

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