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Kaithal News: फर्जी दस्तावेजों से आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने के तीन आरोपी गिरफ्तार
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कैथल। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये वाहनों की आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने के मामले में गांव मलिकपुर निवासी नरेश कुमार, कुतुबपुर निवासी संदीप और सजूमा निवासी राजेश कुमार को काबू कर लिया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी मिलते-जुलते नाम वाले लोगों के आधार-पैन कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया से राशि हड़पते थे।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि 19 जून को एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम को सूचना मिली थी कि जींद बाईपास रोड स्थित डिस्पोजल गोदाम में साहिल खान अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर वाहनों की ऑनलाइन आरसी कैंसिल कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा है। वाहन मालिकों की आरसी कैंसिल करवाने की प्रक्रिया में शामिल रहता है, इस फर्जी काम में मिलते-जुलते नाम वाले अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल करता है और फर्जी दस्तावेजों को अपने लैपटॉप पर अपलोड कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करता है। इसके बाद वह सरकार की ओर से आरसी कैंसिल करने पर दी जाने वाली राशि को धोखाधड़ी से दूसरे दोस्तों में बांट लेते थे। इस कारण वास्तविक वाहन मालिकों को मिलने वाली राशि से वंचित होना पड़ता है और सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर गांव बालू निवासी साहिल खान को काबू कर लिया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की पड़ताल की गई जिसमें विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और वाहन आरसी से संबंधित दस्तावेज मिले। पूछताछ में सामने आया कि आरसी पर अंकित वास्तविक मालिकों और अपलोड किए गए दस्तावेजों में दर्ज नाम और पते अलग-अलग थे। साहिल खान ने बताया कि वह अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर ऐसे मामलों को अंजाम देता था। दोनों आरोपी समान नाम वाले व्यक्तियों के दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन आरसी कैंसिल करवाते थे और प्राप्त राशि को अपने खातों में मंगवाकर आपस में बांट लेते। कई मामलों में हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ने पर आरोपी स्वयं फर्जी हस्ताक्षर भी कर देते हैं।
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मौके से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। इस बारे में थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। दूसरे आरोपी ऋषि नगर कैथल निवासी अश्विनी को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी नरेश, संदीप व राजेश अन्य आरोपियों को आरसी कैंसिल करवाने के लिए दस्तावेज उपलब्ध करवाते थे।
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डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि 19 जून को एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम को सूचना मिली थी कि जींद बाईपास रोड स्थित डिस्पोजल गोदाम में साहिल खान अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर वाहनों की ऑनलाइन आरसी कैंसिल कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा है। वाहन मालिकों की आरसी कैंसिल करवाने की प्रक्रिया में शामिल रहता है, इस फर्जी काम में मिलते-जुलते नाम वाले अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल करता है और फर्जी दस्तावेजों को अपने लैपटॉप पर अपलोड कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करता है। इसके बाद वह सरकार की ओर से आरसी कैंसिल करने पर दी जाने वाली राशि को धोखाधड़ी से दूसरे दोस्तों में बांट लेते थे। इस कारण वास्तविक वाहन मालिकों को मिलने वाली राशि से वंचित होना पड़ता है और सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर गांव बालू निवासी साहिल खान को काबू कर लिया। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की पड़ताल की गई जिसमें विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और वाहन आरसी से संबंधित दस्तावेज मिले। पूछताछ में सामने आया कि आरसी पर अंकित वास्तविक मालिकों और अपलोड किए गए दस्तावेजों में दर्ज नाम और पते अलग-अलग थे। साहिल खान ने बताया कि वह अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर ऐसे मामलों को अंजाम देता था। दोनों आरोपी समान नाम वाले व्यक्तियों के दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन आरसी कैंसिल करवाते थे और प्राप्त राशि को अपने खातों में मंगवाकर आपस में बांट लेते। कई मामलों में हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ने पर आरोपी स्वयं फर्जी हस्ताक्षर भी कर देते हैं।
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मौके से एक मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। इस बारे में थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। दूसरे आरोपी ऋषि नगर कैथल निवासी अश्विनी को भी गिरफ्तार किया गया था। आरोपी नरेश, संदीप व राजेश अन्य आरोपियों को आरसी कैंसिल करवाने के लिए दस्तावेज उपलब्ध करवाते थे।