{"_id":"a67293dc897a86cdba4fa75ea3111ccb","slug":"7-died-of-sanke-bite-in-one-and-half-month-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्पदंश से डेढ़ माह में 7 मौतें","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सर्पदंश से डेढ़ माह में 7 मौतें
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Sun, 27 Sep 2015 10:16 PM IST
विज्ञापन
करौंदीकलां। इलाके के गांवों में सांपों का आतंक है। करीब डेढ़ माह में सर्पदंश से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक सैकड़ा सर्पदंश के शिकार हुए है। स्वास्थ्य विभाग का आलम यह है कि अधिकतर पीएचसी बंद रहती है। खुलती भी है तो सर्पदंश से पीड़ित के लिए एक अदद एंटी स्नेक वैक्सीन तक उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में पीड़ित लोगों को प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में रोष भी है। करौंदीकलां ब्लॉक के कई गांवों में सांपों का आंतक है। करीब डेढ़ माह के भीतर सात लोगों की मौत हो गई है। इनमें रवनिया निवासी विशाल सिंह (17) पुत्र प्रमोद सिंह, मगरसनकलां निवासी नीलम मिश्रा (25) पत्नी विनोद कुमार मिश्रा, प्रतिभा (18) पुत्री दुर्गादत्त, बौढ़िया बालमऊ निवासी सूरज (7) पुत्र कमलेश रजक, नरायनपुर निवासी गुंजन (12) पुत्री बिनेश, कटघरा निवासी शीला (38) पत्नी पन्नेलाल, करौंदीकलां निवासी रेणुका (15) पुत्री भगवानदीन शामिल हैं। करीब एक सैकड़ा लोग उन सौभाग्यशाली में हैं जिन्हें सांप ने डसा लेकिन जान बच गई।
विज्ञापन