{"_id":"5bafc222867a557f23346cc9","slug":"31538245154-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोट-2","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोट-2
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
गैर इरादतन हत्या में महिला को 10 वर्ष की कैद
सुल्तानपुर। बच्चों के बीच हुए विवाद में महिला की कैंची से मारकर हत्या करने के मामले में शनिवार को एडीजे तृतीय उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आरोपी महिला को 10 वर्ष की कैद व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
बल्दीराय क्षेत्र के पारा गांव निवासी कमलेश मौर्य पत्नी गया प्रसाद मौर्य की गांव में ही चाय की दुकान थी। 18 फरवरी 2010 को कमलेश और गांव की गीता गुप्ता पुत्री द्वारिका प्रसाद के बच्चों के बीच झगड़ा हो गया था। गीता बच्चों के विवाद का उलाहना देने के लिए कमलेश की दुकान पर गई थी। इसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने के बाद गीता ने कैंची से मारकर कमलेश को घायल कर दिया था।
इलाज के दौरान कमलेश की मौत हो गई। मुकदमे के दौरान सरकारी वकील रमेश चंद्र सिंह ने नौ गवाहों को अदालत में पेश किया। शनिवार को एडीजे तृतीय उत्कर्ष चतुर्वेदी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी गीता को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। बच्चों के बीच हुए विवाद में महिला की कैंची से मारकर हत्या करने के मामले में शनिवार को एडीजे तृतीय उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आरोपी महिला को 10 वर्ष की कैद व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
बल्दीराय क्षेत्र के पारा गांव निवासी कमलेश मौर्य पत्नी गया प्रसाद मौर्य की गांव में ही चाय की दुकान थी। 18 फरवरी 2010 को कमलेश और गांव की गीता गुप्ता पुत्री द्वारिका प्रसाद के बच्चों के बीच झगड़ा हो गया था। गीता बच्चों के विवाद का उलाहना देने के लिए कमलेश की दुकान पर गई थी। इसी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने के बाद गीता ने कैंची से मारकर कमलेश को घायल कर दिया था।
विज्ञापन
इलाज के दौरान कमलेश की मौत हो गई। मुकदमे के दौरान सरकारी वकील रमेश चंद्र सिंह ने नौ गवाहों को अदालत में पेश किया। शनिवार को एडीजे तृतीय उत्कर्ष चतुर्वेदी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी गीता को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
विज्ञापन