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डायरिया पीड़ितों से पटा जिला अस्पताल
Updated Thu, 17 May 2018 12:06 AM IST
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सुल्तानपुर। भीषण गर्मी से जिले में डायरिया ने पांव पसार लिए हैं। बच्चों, बड़े-बुजुर्ग सभी डायरिया की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं। औसतन चार सौ लोग रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन और जनरल वार्ड पूरी तरह से मरीजों से पटा पड़ा है। जिले के अधिकतर सीएचसी व पीएचसी का भी यही हाल है। चिकित्सकों के ड्यूटी से गैर हाजिर होने के कारण वहां के मरीजों को भी मजबूरी में जिला अस्पताल आना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में कुड़वार के तीरगांव निवासी रामलोचन का तीन वर्षीय बेटा अर्जुन, तमेहड़ी निवासी हंसराज की 10 वर्षीय बेटी नीलम, पीपरपुर के देहली निवासी दिलीप का छह वर्षीय बेटा देवांश, कोतवाली देहात के नरहरपुर निवासी केपी सिंह की छह माह की पुत्री अनुवंदना, कोतवाली नगर क्षेत्र के विवेक नगर निवासी करुण मिश्रा की दो वर्षीय बेटी तृषा मिश्रा, अनुराग का सात वर्षीय बेटा भव राय, जुबलीपुर की तीन वर्षीय जाह्नवी, सेहूपारा गांव की आस्था (4), पीयूष (1) पुत्र साई चौहान निवासी भूसेपुर डायरिया की चपेट में आकर भर्ती हैं।
जनरल वार्ड में बचावन देवी (75) पत्नी राम नरेश निवासी पीठापुर और चमेला निवासी बभनगवां का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि सीएचसी व पीएचसी पर चिकित्सकों को हर हाल में ड्यूटी पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। यदि संबंधित सेंटर पर चिकित्सक अनुपस्थिति मिल रहे हैं तो जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान में अधिकतर लोगों को दूषित पानी की वजह से डायरिया हो रहा है। दूषित पानी से लोगों को कई बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले जीवाणुओं के कारण होती हैं। ये जीवाणु गंदे पानी के साथ से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
ऐसे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों के कई कारक हो सकते हैं, जिनमें वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और पेट में होने वाले रिएक्शन प्रमुख हैं। दूषित पानी से बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है, जिसकी वजह से हैजा, टाइफाइड, पेचिश जैसी बीमारियां आसानी से किसी को अपना शिकार बना सकती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए पानी को उबाल लें। फिर उसे ठंडा कर पिएं। डायरिया पीड़ित को तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए। चिकित्सक के परामर्श से ही दवा लेनी चाहिए।
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में कुड़वार के तीरगांव निवासी रामलोचन का तीन वर्षीय बेटा अर्जुन, तमेहड़ी निवासी हंसराज की 10 वर्षीय बेटी नीलम, पीपरपुर के देहली निवासी दिलीप का छह वर्षीय बेटा देवांश, कोतवाली देहात के नरहरपुर निवासी केपी सिंह की छह माह की पुत्री अनुवंदना, कोतवाली नगर क्षेत्र के विवेक नगर निवासी करुण मिश्रा की दो वर्षीय बेटी तृषा मिश्रा, अनुराग का सात वर्षीय बेटा भव राय, जुबलीपुर की तीन वर्षीय जाह्नवी, सेहूपारा गांव की आस्था (4), पीयूष (1) पुत्र साई चौहान निवासी भूसेपुर डायरिया की चपेट में आकर भर्ती हैं।
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जनरल वार्ड में बचावन देवी (75) पत्नी राम नरेश निवासी पीठापुर और चमेला निवासी बभनगवां का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि सीएचसी व पीएचसी पर चिकित्सकों को हर हाल में ड्यूटी पर मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। यदि संबंधित सेंटर पर चिकित्सक अनुपस्थिति मिल रहे हैं तो जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अमित सिंह ने बताया कि वर्तमान में अधिकतर लोगों को दूषित पानी की वजह से डायरिया हो रहा है। दूषित पानी से लोगों को कई बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले जीवाणुओं के कारण होती हैं। ये जीवाणु गंदे पानी के साथ से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
ऐसे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों के कई कारक हो सकते हैं, जिनमें वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और पेट में होने वाले रिएक्शन प्रमुख हैं। दूषित पानी से बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है, जिसकी वजह से हैजा, टाइफाइड, पेचिश जैसी बीमारियां आसानी से किसी को अपना शिकार बना सकती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए पानी को उबाल लें। फिर उसे ठंडा कर पिएं। डायरिया पीड़ित को तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए। चिकित्सक के परामर्श से ही दवा लेनी चाहिए।