{"_id":"62c726f09ea2bb66fc31ccac","slug":"court-order-sultanpur-news-lko638606356","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले के आरोपी पिता-पुत्र को 10 वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा हमले के आरोपी पिता-पुत्र को 10 वर्ष की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। जानलेवा हमला करने के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व 35-35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना धम्मौर क्षेत्र के मंगा गोपालपुर गांव में हुई थी। गांव निवासी सुरेश पाल ने 13 जून 2010 को धम्मौर थाने में केस दर्ज कराया कि एक दिन पूर्व हिस्से के बंटवारे को लेकर आपस में बात हो रही थी। रात लगभग नौ बजे गांव के रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल ने कुल्हाड़ी उन पर हमला कर दिया। बचाव करने दौड़ी सुरेश पाल की पत्नी भानमती को भी हमलावरों ने कुल्हाड़ी से मारकर घायल कर दिया। गंभीर हालत में भानमती को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हमले में आई चोटों से भानमती की बाईं आंख खराब हो गई। पुलिस ने सुरेश पाल की तहरीर पर रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल के खिलाफ धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया।
एडीजीसी क्रिमिनल विजय शंकर शुक्ल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। बृहस्पतिवार को एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास व प्रत्येक को 35-35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना धम्मौर क्षेत्र के मंगा गोपालपुर गांव में हुई थी। गांव निवासी सुरेश पाल ने 13 जून 2010 को धम्मौर थाने में केस दर्ज कराया कि एक दिन पूर्व हिस्से के बंटवारे को लेकर आपस में बात हो रही थी। रात लगभग नौ बजे गांव के रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल ने कुल्हाड़ी उन पर हमला कर दिया। बचाव करने दौड़ी सुरेश पाल की पत्नी भानमती को भी हमलावरों ने कुल्हाड़ी से मारकर घायल कर दिया। गंभीर हालत में भानमती को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हमले में आई चोटों से भानमती की बाईं आंख खराब हो गई। पुलिस ने सुरेश पाल की तहरीर पर रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल के खिलाफ धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया।
विज्ञापन
एडीजीसी क्रिमिनल विजय शंकर शुक्ल ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। बृहस्पतिवार को एडीजे चतुर्थ राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी रामलौट पाल व उसके पुत्र समरजीत पाल को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास व प्रत्येक को 35-35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन