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आयुष्मान कार्ड धारक के इलाज में लापरवाही की पुष्टि

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2019 11:06 PM IST
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गौरीगंज। दो माह पूर्व मुंशीगंज के संजय गांधी अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारक की मौत के मामले में लापरवाही की पुष्टि हुई है। प्रशासन की ओर से दो बार कराई गई जांच में पाया गया है कि अस्पताल में तैनात तीन चिकित्सकों ने आयुष्मान कार्डधारक की इलाज में लापरवाही बरती।
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डीएम ने जांच टीम की संयुक्त रिपोर्ट प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
मुसाफिरखाना तहसील के गांव सरैया मजरे दादरा निवासी 39 वर्षीय नन्हेलाल मिश्र की मौत पिछले 26 अप्रैल को मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में हो गई थी।
नन्हेलाल की मौत के बाद उसके पुत्र रोहित ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। रोहित का कहना था कि उसके पिता के पास आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड था लेकिन अस्पताल वालों ने इस कार्ड के आधार पर इलाज करने से इंकार कर दिया था।

नन्हेलाल के पुत्र के आरोपों को गंभीर मानते हुए डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र के निर्देश पर सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने एसीएमओ डॉ. रामप्यारे के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर नन्हेलाल की मौत व उनके पुत्र के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया था।
टीम ने विस्तृत जांच व मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान के आधार पर तैयार अपनी जांच रिपोर्ट 21 मई को सीएमओ के माध्यम से जिला प्रशासन को दी थी।
इस जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने सीएमओ व एसडीएम अमेठी रामशंकर को दोबारा पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया था। डीएम के आदेश पर दोनों अफसरों ने दोबारा सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट सात जून को डीएम को दी थी।
दोनों जांच रिपोर्ट के आधार पर 27 जून को जो रिपोर्ट डीएम ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजी है उसमें नन्हेलाल के इलाज में लापरवाही की पुष्टि की गई है। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात भी कही है।
डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट को आधार मानें तो नन्हेलाल को 25 अप्रैल की रात करीब आठ बजे उसके भतीजे अजय मिश्र ने संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भर्ती होने के बाद अस्पताल के तीन चिकित्सकों डॉ. अविनाश कुमार तिवारी, डॉ. आदित्य शरद बीडकर व डॉ. सिद्धार्थ अजय ने नन्हेलाल का बीमारी के मुताबिक समुचित इलाज नहीं किया।
जिस समय नन्हेलाल की मौत हुई उस दौरान लोकसभा चुनाव का प्रचार अपने शबाब पर था। मामला सामने आने के बाद न सिर्फ स्मृति ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरने की कोशिश की थी, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलने के लिए उसके घर भी गई थीं।
इतना ही नहीं मामला आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा होने के चलते पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी भदोही की जनसभा में इसका जिक्र करते हुए राहुल व कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला था।

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