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जिले में वायरल फीवर ने पसारे पांव
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सुल्तानपुर। सर्द-गर्म मौसम व मच्छरों के प्रकोप से जिले में वायरल फीवर ने पांव पसार लिए है। बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग तक बुखार से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अमर उजाला ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का जायजा लिया तो बुखार से पीड़ित लोगों की हालत बेहद खराब मिली। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड से लेकर जनरल वार्ड तक में बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती मिले। अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन एक हजार लोग बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पूरे जिले में वायरल फीवर से लोग परेशान हैं। शहर के करौंदिया निवासी सैय्यद जावेद हुसैन का बेटा जौहर और जैन अब्बास बुखार से पीड़ित हैं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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जैन अब्बास मात्र तीन दिन का है। कूरेभार के रहने वाले मन्नान की पुत्री सिमरन, रामजग की बेटी संध्या और दिलीप तिवारी का बेटा अंकित तेज बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हैं।
चिकित्सक की मानें तो पांचों बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं। इसी के साथ ही जनरल वार्ड में धम्मौर निवासी शनी, लंभुआ के कस्बा निवासी प्रभात अग्रहरि, रामनगर कोट निवासी राहुल, नारायनपुर निवासी सौरभ, कादीपुर की रहने वाली शशिबाला भी शुक्रवार को तेज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित होकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में शैय्या कम पड़ गई है।
शहरी लोगों को चिकित्सक यह कहकर वापस भेज देते हैं कि दवा दे दिए हैं। यदि तबीयत ज्यादा खराब हो तो जिला अस्पताल लाकर भर्ती करा देना। शैय्या कम होने से शहर के लोगों को वापस किया जा रहा है जबकि ग्रामीण अंचल के मरीजों को हर हाल में भर्ती किया जा रहा है।
शहर से लेकर गांव तक गंदगी का अंबार है। जगह-जगह टूटी नालियों में मच्छर पनप रहे हैं। गांवों में न पंचायत स्तर और न ही सीएचसी स्तर पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
यही हालत शहर क्षेत्र का है। अधिकांश वार्डों में साफ-सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। शहरी लोगों की मानें तो कई बार नगर पालिका और मलेरिया विभाग के अधिकारियों को दवा का छिड़काव करने को कहा गया, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज भी मिल रहे हैं।
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अमर उजाला ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का जायजा लिया तो बुखार से पीड़ित लोगों की हालत बेहद खराब मिली। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड से लेकर जनरल वार्ड तक में बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती मिले। अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन एक हजार लोग बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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पूरे जिले में वायरल फीवर से लोग परेशान हैं। शहर के करौंदिया निवासी सैय्यद जावेद हुसैन का बेटा जौहर और जैन अब्बास बुखार से पीड़ित हैं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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जैन अब्बास मात्र तीन दिन का है। कूरेभार के रहने वाले मन्नान की पुत्री सिमरन, रामजग की बेटी संध्या और दिलीप तिवारी का बेटा अंकित तेज बुखार से पीड़ित होकर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती हैं।
चिकित्सक की मानें तो पांचों बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं। इसी के साथ ही जनरल वार्ड में धम्मौर निवासी शनी, लंभुआ के कस्बा निवासी प्रभात अग्रहरि, रामनगर कोट निवासी राहुल, नारायनपुर निवासी सौरभ, कादीपुर की रहने वाली शशिबाला भी शुक्रवार को तेज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित होकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में शैय्या कम पड़ गई है।
शहरी लोगों को चिकित्सक यह कहकर वापस भेज देते हैं कि दवा दे दिए हैं। यदि तबीयत ज्यादा खराब हो तो जिला अस्पताल लाकर भर्ती करा देना। शैय्या कम होने से शहर के लोगों को वापस किया जा रहा है जबकि ग्रामीण अंचल के मरीजों को हर हाल में भर्ती किया जा रहा है।
शहर से लेकर गांव तक गंदगी का अंबार है। जगह-जगह टूटी नालियों में मच्छर पनप रहे हैं। गांवों में न पंचायत स्तर और न ही सीएचसी स्तर पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
यही हालत शहर क्षेत्र का है। अधिकांश वार्डों में साफ-सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है। शहरी लोगों की मानें तो कई बार नगर पालिका और मलेरिया विभाग के अधिकारियों को दवा का छिड़काव करने को कहा गया, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज भी मिल रहे हैं।