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Sultanpur News: चिकित्सक हत्याकांड में तीन पर आरोप तय
Wed, 01 May 2024 02:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 01 May 2024 02:09 AM IST
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सुल्तानपुर। चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड के चर्चित मामले में बचाव पक्ष की ओर से दी गई डिस्चार्ज अर्जी (उन्मोचन अर्जी) को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने मंगलवार को खारिज कर दिया है। जिला जज ने मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है। अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के लिए 13 मई की तिथि नियत की गई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय के मुताबिक बीती 23 सितंबर को जयसिंहपुर सीएचसी पर तैनात रहे लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के सखौली कला गांव निवासी डॉक्टर घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने नरायनपुर गांव निवासी अजय नारायण सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह के पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह और मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह को भी आरोपी बना दिया था।
आरोप तय होने से पहले ही बीते दिनों आरोपी विजय नारायण सिंह की शहर के दरियापुर तिराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बचाव पक्ष की ओर से मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह और उसके पिता जगदीश नारायण सिंह को केस से डिस्चार्ज अर्जी करने के लिए दी गई अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने कहा कि घटना के दूसरे दिन विलंब से केस दर्ज कराया गया था और घटना को कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। अर्जी का विरोध करते हुए डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र व वादी मुकदमा केे अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि आरोपियों ने चिकित्सक की हत्या करके गंभीर अपराध किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर कोर्ट में पेश किए हैं।
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जिला जज ने दाेनों पक्षों की बहस सुनने के बाद डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सामान्य उद्देश्य से साजिश के तहत हत्या करने के साथ ही सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत आरोप तय किया गया है। जिला जज ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के लिए 13 मई की तिथि नियत करते हुए गवाह को समन जारी करने का आदेश दिया है।
उधर, चिकित्सक हत्याकांड में आरोपी बनाए गए विजय नारायण सिंह की कोर्ट ने मृत्यु आख्या तलब की थी, लेकिन पुलिस ने मृत्यु आख्या नहीं भेजी है। मंगलवार को जिला जज ने नगर कोतवाल को आदेश दिया है कि वे विजय नारायण सिंह की मृत्यु आख्या कोर्ट में भेजें।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय के मुताबिक बीती 23 सितंबर को जयसिंहपुर सीएचसी पर तैनात रहे लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के सखौली कला गांव निवासी डॉक्टर घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने नरायनपुर गांव निवासी अजय नारायण सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह के पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह और मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह को भी आरोपी बना दिया था।
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आरोप तय होने से पहले ही बीते दिनों आरोपी विजय नारायण सिंह की शहर के दरियापुर तिराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बचाव पक्ष की ओर से मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह और उसके पिता जगदीश नारायण सिंह को केस से डिस्चार्ज अर्जी करने के लिए दी गई अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने कहा कि घटना के दूसरे दिन विलंब से केस दर्ज कराया गया था और घटना को कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। अर्जी का विरोध करते हुए डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र व वादी मुकदमा केे अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि आरोपियों ने चिकित्सक की हत्या करके गंभीर अपराध किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर कोर्ट में पेश किए हैं।
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जिला जज ने दाेनों पक्षों की बहस सुनने के बाद डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सामान्य उद्देश्य से साजिश के तहत हत्या करने के साथ ही सात क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत आरोप तय किया गया है। जिला जज ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के लिए 13 मई की तिथि नियत करते हुए गवाह को समन जारी करने का आदेश दिया है।
उधर, चिकित्सक हत्याकांड में आरोपी बनाए गए विजय नारायण सिंह की कोर्ट ने मृत्यु आख्या तलब की थी, लेकिन पुलिस ने मृत्यु आख्या नहीं भेजी है। मंगलवार को जिला जज ने नगर कोतवाल को आदेश दिया है कि वे विजय नारायण सिंह की मृत्यु आख्या कोर्ट में भेजें।