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कैशलेस रहीं जिले की 90 बैंक शाखाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:25 PM IST
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पांच सौ व हजार रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से शुरू हुईं लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नोटबंदी के बाद से लगातार बैंकों में कैश की किल्लत बनी हुई है। शनिवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों समेत 90 बैंक शाखाओं में कैश नहीं रहा।
खाताधारक कड़ाके की ठंड में भुगतान के लिए भटकते रहे। जिन बैंक शाखाओं में सीमित कैश रहा, वहां के खाताधारकों को चार से छह हजार रुपये देकर किसी तरह काम चलाया गया।किसान, नौकरी पेशा, व्यापारी समेत सभी वर्ग के लोग नोटबंदी के बाद से पैसे के लिए संकट से गुजर रहे हैं।
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खाताधारक कड़ाके की ठंड में भुगतान के लिए भटकते रहे। जिन बैंक शाखाओं में सीमित कैश रहा, वहां के खाताधारकों को चार से छह हजार रुपये देकर किसी तरह काम चलाया गया।किसान, नौकरी पेशा, व्यापारी समेत सभी वर्ग के लोग नोटबंदी के बाद से पैसे के लिए संकट से गुजर रहे हैं।
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कड़ाके की ठंड में बैंक और एटीएम में कतार लगाने बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। लोग अपने ही खातों से पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। शनिवार को भी बैंकों में करेंसी चेस्ट नहीं पहुंच सका। इससे खाताधारकों को काफी निराशा हुई।
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सुबह बैंक पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे तक लोग शाखा के बाहर खड़े होकर कैश आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कैश न पहुंचने से वे निराश होकर लौट गए। बल्दीराय, हलियापुर, धनपतगंज, कूरेभार, कटका, गुप्तारगंज, सेमरी बाजार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, दियरा बाजार, ढेमा, दोस्तपुर, अखंडनगर, लंभुआ, भदैंया, कन्हईपुर समेत अन्य स्थानों पर स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखाओं पर कैश का संकट बरकरार है।