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सैफई में 2004 के करंट हादसे का मामला: अखिलेश यादव और निजी सचिव के खिलाफ परिवाद दाखिल

Wed, 04 Nov 2026 05:05 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 04 Nov 2026 05:05 PM IST
सार

मामला मुआवजे के 15.05 लाख रुपये नहीं मिलने और चेक बाउंस होने का आरोप है। एमपी-एमएलए कोर्ट में सात नवंबर को अगली सुनवाई होगी।

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Case regarding the 2004 electrocution incident in Saifai: Complaint filed against Akhilesh Yadav and his priva
पीड़ित मोहम्मद अली - फोटो : amar ujala

विस्तार

सैफई महोत्सव के दौरान दिसंबर 2004 में हुए करंट हादसे से जुड़े मुआवजे के मामले में सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके निजी सचिव गजेंद्र सिंह के खिलाफ सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे में घायल मोहम्मद अली के इलाज और मुआवजे के लिए 15 लाख पांच हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब 22 साल बाद भी परिवार को रकम नहीं मिली।

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अधिवक्ता के मुताबिक, दिसंबर 2004 में सैफई महोत्सव के दौरान बिजली विभाग का काम चल रहा था। इस दौरान खुले तारों और अव्यवस्था के कारण सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के निवारी, सुरौली निवासी मोहम्मद अली समेत तीन लोग करंट की चपेट में आ गए थे। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और सांसद अखिलेश यादव के निर्देश पर पीड़ित परिवार को पार्टी फंड से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया था।
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अधिवक्ता का दावा है कि मुआवजे की रकम के लिए अखिलेश यादव के हस्ताक्षर से चेक जारी किया गया था, लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन पीड़ित परिवार को न तो इलाज की रकम मिली और न ही मुआवजा दिया गया।
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अधिवक्ता ने निजी सचिव गजेंद्र सिंह पर मोहम्मद अली का कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, इस मामले में पहले उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी। वहां से न्यायालय के माध्यम से राहत प्राप्त करने का निर्देश मिलने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में अखिलेश यादव और उनके निजी सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है। अधिवक्ता के मुताबिक, कोर्ट ने संबंधित थाने से रिपोर्ट तलब की है। मामले में अगली सुनवाई सात नवंबर 2026 को होगी।

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