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आधी-अधूरी सफाई के बीच होगा नहरों का संचालन
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1. भदैंया के बभनगंवा नहर में उगी झाड़-झंखाड़।
- फोटो : SULTANPUR
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भदैंया (सुल्तानपुर)। रबी की फसल की बोआई के लिए किसानों को पानी की जरूरत है। सिंचाई विभाग की ओर से 10 दिसंबर तक पानी छोड़े जाने का दावा किया जा रहा है। क्षेत्र की नहरों व माइनरों में अभी तक सिल्ट सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका हैै। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच नहरों का संचालन होने से कटान की आशंका बढ़ गई है। विभागीय अधिकारी इस समस्या पर उदासीन बने हैं।
भदैंया विकास खंड के अंतर्गत सिंचाई खंड की ओर से नहरों व माइनरों का संचालन किया जा रहा है। सिंचाई खंड की ओर से इस बार 10 दिसंबर तक नहरों में पानी छोड़े जाने का दावा किया जा रहा है। इसके पहले विभागीय स्तर पर सिल्ट सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत इसके विपरीत हैै। सफाई के दावों के बाद भी बभनगंवा माइनर में हेड से लेकर टेल तक जगह-जगह सिल्ट मौजूद है। पटरियों पर मिट्टी का ढेर लगाकर उसको समतल व दुरुस्त तक नहीं किया जा रहा है। पुलों के नीचे भी सफाई नहीं की गई है। इससे पुलों के नीचे सिल्ट व घास-फूस मौजूद है। इस बार भदैंया और बभनगंवा माइनर की सफाई जेसीबी से की गई है। इन माइनरों पर मुरारपुर, लोदीपुर, गोपालपुर, अभियाखुर्द, दोमुहां, बरुई, बभनगंवा, अभियाकलां, पन्नाटिकरी में बने पुलों के नीचे सफाई नहीं की गई है। कई स्थानों पर लगी साइफन पाइप को नहीं हटाया गया है। कटान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पिछले वर्ष बभनगंवा व भदैंया माइनर में पानी छोड़े जाने के बाद कटान हुई थी। किसानों का काफी नुकसान हुआ था।
क्षेत्र के सुधाकर, दिनेश कुमार, श्याम नारायण, बृजेश शुक्ल, राम हरख, हरि कृष्ण समेत अन्य किसानों ने नहर सफाई में खानापूर्ति होने की शिकायत स्थानीय विधायक व ऑनलाइन पोर्टल पर की है। सिंचाई खंड के जेई नितीश चित्रांश ने बताया कि सिल्ट सफाई की स्थिति ऑनलाइन अपडेट की जा रही है। अधिशासी अभियंता को इसकी जानकारी दी गई है। अधिशासी अभियंता राम प्रकाश प्रजापति ने बताया कि नहरों में 10 दिसंबर तक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। क्षेत्र में अभी सिल्ट सफाई का काम चल रहा है। पानी छोड़े जाने के पहले सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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भदैंया विकास खंड के अंतर्गत सिंचाई खंड की ओर से नहरों व माइनरों का संचालन किया जा रहा है। सिंचाई खंड की ओर से इस बार 10 दिसंबर तक नहरों में पानी छोड़े जाने का दावा किया जा रहा है। इसके पहले विभागीय स्तर पर सिल्ट सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत इसके विपरीत हैै। सफाई के दावों के बाद भी बभनगंवा माइनर में हेड से लेकर टेल तक जगह-जगह सिल्ट मौजूद है। पटरियों पर मिट्टी का ढेर लगाकर उसको समतल व दुरुस्त तक नहीं किया जा रहा है। पुलों के नीचे भी सफाई नहीं की गई है। इससे पुलों के नीचे सिल्ट व घास-फूस मौजूद है। इस बार भदैंया और बभनगंवा माइनर की सफाई जेसीबी से की गई है। इन माइनरों पर मुरारपुर, लोदीपुर, गोपालपुर, अभियाखुर्द, दोमुहां, बरुई, बभनगंवा, अभियाकलां, पन्नाटिकरी में बने पुलों के नीचे सफाई नहीं की गई है। कई स्थानों पर लगी साइफन पाइप को नहीं हटाया गया है। कटान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पिछले वर्ष बभनगंवा व भदैंया माइनर में पानी छोड़े जाने के बाद कटान हुई थी। किसानों का काफी नुकसान हुआ था।
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क्षेत्र के सुधाकर, दिनेश कुमार, श्याम नारायण, बृजेश शुक्ल, राम हरख, हरि कृष्ण समेत अन्य किसानों ने नहर सफाई में खानापूर्ति होने की शिकायत स्थानीय विधायक व ऑनलाइन पोर्टल पर की है। सिंचाई खंड के जेई नितीश चित्रांश ने बताया कि सिल्ट सफाई की स्थिति ऑनलाइन अपडेट की जा रही है। अधिशासी अभियंता को इसकी जानकारी दी गई है। अधिशासी अभियंता राम प्रकाश प्रजापति ने बताया कि नहरों में 10 दिसंबर तक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। क्षेत्र में अभी सिल्ट सफाई का काम चल रहा है। पानी छोड़े जाने के पहले सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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