Sultanpur: कोर्ट में पेश हुए मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, आचार संहिता उल्लंघन में लगा 500 रुपया जुर्माना
गौरीगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी आरपी शाही ने भाजपा प्रत्याशी मयंकेश्वर शरण सिंह व 100-150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत गौरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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आचार संहिता का उल्लंघन करने से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने मंत्री को पांच सौ रुपये जुर्माना से दंडित कर उनके खिलाफ विचाराधीन मुकदमा समाप्त करने का आदेश दिया है। मामला अमेठी जिले के गौरीगंज थाने से जुड़ा है।
अमेठी जिले के तिलोई कस्बे के निवासी व तिलोई विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी मयंकेश्वर शरण सिंह तीन फरवरी 2017 को 100-150 अज्ञात समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए गौरीगंज तहसील की ओर जा रहे थे। गौरीगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी आरपी शाही ने भाजपा प्रत्याशी मयंकेश्वर शरण सिंह व 100-150 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत गौरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर भाजपा प्रत्याशी व मौजूदा समय में प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। एसीजेएम तृतीय की कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ 18 मार्च 2019 को समन जारी करने का आदेश दिया था। इसे मंत्री ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मामला रद्द करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था मामला
हाईकोर्ट ने पिछले 17 अगस्त को मंत्री के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने का मामला रद्द कर दिया था और निर्देश दिया था कि वे ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (धारा 171 एच) के मामले में जुर्माना जमा करें। हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह अधिवक्ता रविवंश सिंह के साथ एसीजेएम तृतीय सिद्दीकी साइमा जर्रार आलम की कोर्ट में पेश हुए।
उनकी ओर से हाईकोर्ट की नकल दाखिल करके मामला समाप्त करने की मांग की गई। कोर्ट ने मंत्री को पांच सौ रुपये जुर्माना से दंडित कर उनके खिलाफ विचाराधीन मामला समाप्त करने का आदेश दिया है।