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बीच का वार्ड छोड़कर जोड़ दिया गया दूर का बीडीसी वार्ड
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सुल्तानपुर। परिसीमन में जिला पंचायत के 17 वार्डों के पुनर्गठन में बड़ी खामियां सामने आ रही हैं। अधिकांश वार्डों में कर्मचारियों व अधिकारियों ने क्षेत्र पंचायत के बीच के वार्डों को छोड़कर दूर के वार्ड जिला पंचायत के वार्ड में शामिल कर दिए। गठन में कर्मचारी जिला पंचायत के ही दो वार्ड लांघ गए।
यही नहीं आपत्तियों से बचने के लिए अनंतिम सूची अंत तक गोपनीय रखा गया। इसके बाद भी 57 आपत्तियां विभाग में पहुंच गई हैं। दो जनवरी तक इनका निस्तारण होना है।
लंभुआ के नगर पंचायत बनने के बाद जिला पंचायत का एक वार्ड घटने का असर जिला पंचायत के 17 वार्डों पर डाला गया है। जिला पंचायत के वार्ड संख्या 29 से लेकर 45 तक परिसीमन कर किए गए पुनर्गठन में बड़ी खामियां प्रकाश में आई हैं।
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अनंतिम सूची में जिला पंचायत के गठित किए गए वार्डों में बीच के बीडीसी व जिला पंचायत के दो-दो वार्डों को छोड़कर दूर के बीडीसी वार्ड शामिल कर दिए गए हैं। कुड़वार में पड़ने वाले जिला पंचायत के वार्ड संख्या 30 में कुड़वार विकास खंड के पास स्थित बीडीसी का 96 नंबर वार्ड (देवलपुर-चितईपुर) को जोड़ दिया गया है, जबकि बीच में जिला पंचायत का वार्ड 31 और 32 पड़ता है।
बीडीसी का वार्ड 96 में उसमें नहीं जोड़ा गया। इसी तरह जिला पंचायत के वार्ड 33, 34 व 35 में भी बीच के बीडीसी वार्ड छोड़कर दूर के बीडीसी वार्ड जोड़ दिए गए हैं। दूबेपुर व भदैंया ब्लॉक में बनाए गए जिला पंचायत के वार्ड पुनर्गठन में खामियां बरती गई हैं। लंभुआ व पीपीकमैचा में गठित वार्डों में गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आ रही है।
इन जगहों पर बीच के बीडीसी वार्ड उड़ाकर दूर के वार्ड जोड़े गए हैं। प्रसपा के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद यादव का कहना है कि जिला पंचायत के वार्ड के गठन में मनमानी की गई है। अनंतिम सूची गोपनीय ढंग से प्रकाशित की गई। आपत्तिकर्ता राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि पुनर्गठन में बड़ी खामियां बरती गई हैं।
हालांकि अनंतिम सूची की गोपनीयता के बाद विभाग में 57 आपत्तियां पहुंच गई हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ आपत्तियां भी कोरम पूरा करने के लिए गोपनीय ढंग से ले ली गई हैं। अब दो जनवरी तक गठित टीम की ओर से आपत्तियां का निस्तारण किया जाना है।
जिला पंचायतराज अधिकारी राधाकृष्ण भारती ने बताया कि पुनर्गठन में पूरी तरह सावधानी बरती गई है। खामियों को ठीक करने के लिए ही आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों ठोस वजह मिलने पर वार्डों के गठन में संशोधन किया जाएगा।
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यही नहीं आपत्तियों से बचने के लिए अनंतिम सूची अंत तक गोपनीय रखा गया। इसके बाद भी 57 आपत्तियां विभाग में पहुंच गई हैं। दो जनवरी तक इनका निस्तारण होना है।
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लंभुआ के नगर पंचायत बनने के बाद जिला पंचायत का एक वार्ड घटने का असर जिला पंचायत के 17 वार्डों पर डाला गया है। जिला पंचायत के वार्ड संख्या 29 से लेकर 45 तक परिसीमन कर किए गए पुनर्गठन में बड़ी खामियां प्रकाश में आई हैं।
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अनंतिम सूची में जिला पंचायत के गठित किए गए वार्डों में बीच के बीडीसी व जिला पंचायत के दो-दो वार्डों को छोड़कर दूर के बीडीसी वार्ड शामिल कर दिए गए हैं। कुड़वार में पड़ने वाले जिला पंचायत के वार्ड संख्या 30 में कुड़वार विकास खंड के पास स्थित बीडीसी का 96 नंबर वार्ड (देवलपुर-चितईपुर) को जोड़ दिया गया है, जबकि बीच में जिला पंचायत का वार्ड 31 और 32 पड़ता है।
बीडीसी का वार्ड 96 में उसमें नहीं जोड़ा गया। इसी तरह जिला पंचायत के वार्ड 33, 34 व 35 में भी बीच के बीडीसी वार्ड छोड़कर दूर के बीडीसी वार्ड जोड़ दिए गए हैं। दूबेपुर व भदैंया ब्लॉक में बनाए गए जिला पंचायत के वार्ड पुनर्गठन में खामियां बरती गई हैं। लंभुआ व पीपीकमैचा में गठित वार्डों में गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आ रही है।
इन जगहों पर बीच के बीडीसी वार्ड उड़ाकर दूर के वार्ड जोड़े गए हैं। प्रसपा के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद यादव का कहना है कि जिला पंचायत के वार्ड के गठन में मनमानी की गई है। अनंतिम सूची गोपनीय ढंग से प्रकाशित की गई। आपत्तिकर्ता राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि पुनर्गठन में बड़ी खामियां बरती गई हैं।
हालांकि अनंतिम सूची की गोपनीयता के बाद विभाग में 57 आपत्तियां पहुंच गई हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ आपत्तियां भी कोरम पूरा करने के लिए गोपनीय ढंग से ले ली गई हैं। अब दो जनवरी तक गठित टीम की ओर से आपत्तियां का निस्तारण किया जाना है।
जिला पंचायतराज अधिकारी राधाकृष्ण भारती ने बताया कि पुनर्गठन में पूरी तरह सावधानी बरती गई है। खामियों को ठीक करने के लिए ही आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों ठोस वजह मिलने पर वार्डों के गठन में संशोधन किया जाएगा।