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एक्सप्रेसवे के निर्माण से टूटी सड़कों का फर्म ने आनन-फानन में शुरू कराया मरम्मत कार्य
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बल्दीराय (सुल्तानपुर)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण की दौरान टूटी 93 सड़कों की मरम्मत कराए बिना ही फर्म की ओर से समेटे जा रहे सामान की जानकारी के बाद मामला गरमा गया गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद यूपीडा ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली फर्म पर शिकंजा कसा है। यूपीडा की नाराजगी को देखते हुए फर्म ने आनन-फानन में सामान गिराकर टूटी सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है।
लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान मिट्टी, गिट्टी समेत अन्य सामग्री की ढुलाई से जिले की 93 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सर्वे में सड़कें चिह्नित होने के बाद यूपीडा ने उसका निर्माण फर्म से कराने का वादा किया था। एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मामला ठंडा पड़ते देख एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगी यूपीडा की फर्मों ने बिना टूटी हुई सड़कों की मरम्मत कराए अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था। धनपतगंज क्षेत्र में स्थित प्लांट बंद कर दिया गया था और कुवांसी में स्थित प्लांट से काफी सामान व मशीनें जा चुकी थीं।
अमर उजाला ने क्षेत्र के लोगों की आवाजाही की समस्या को देखते हुए इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया। ‘पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाने में शहीद हो गईं 93 सड़कें’ शीर्षक से खबर का प्रकाशन माई सिटी में मंगलवार को करते हुए समस्या को प्रमुखता से उठाया था। निर्माण के दौरान टूटी सड़कों की मरम्मत कराए बिना फर्म की ओर से सामान समेटने की जानकारी मिलते ही यूपीडा के अधिकारी हरकत में आ गए।
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यूपीडा के अधिकारियों ने तत्काल समस्या को संज्ञान में लेते हुए फर्मों पर शिकंजा कस दिया। फर्म पर चाबुक चलते ही मंगलवार की सुबह से टूटी सड़कों पर जेसीबी व अन्य मशीनों के साथ मजदूरों को उतार दिया गया। सुबह से ही सड़क की सफाई, गिट्टी की कुटाई के बाद पानी के छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया गया है।
शाम को बल्दीराय की बड़ी नहर से निकले महुली-अरवल संपर्क मार्ग पर गिट्टी कुटाई के लिए रोलर भी दौड़ाया जाने लगा। टूटे मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बारिश के पहले आवाजाही की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। यूपीडा के एसडीएम अनुराग सिंह ने कहा कि चिह्नित मार्गों की मरम्मत फर्म की ओर से कराई जाएगी। इस संबंध में उसे पहले ही निर्देश दिया जा चुका है।
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लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान मिट्टी, गिट्टी समेत अन्य सामग्री की ढुलाई से जिले की 93 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सर्वे में सड़कें चिह्नित होने के बाद यूपीडा ने उसका निर्माण फर्म से कराने का वादा किया था। एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मामला ठंडा पड़ते देख एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगी यूपीडा की फर्मों ने बिना टूटी हुई सड़कों की मरम्मत कराए अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था। धनपतगंज क्षेत्र में स्थित प्लांट बंद कर दिया गया था और कुवांसी में स्थित प्लांट से काफी सामान व मशीनें जा चुकी थीं।
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अमर उजाला ने क्षेत्र के लोगों की आवाजाही की समस्या को देखते हुए इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया। ‘पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाने में शहीद हो गईं 93 सड़कें’ शीर्षक से खबर का प्रकाशन माई सिटी में मंगलवार को करते हुए समस्या को प्रमुखता से उठाया था। निर्माण के दौरान टूटी सड़कों की मरम्मत कराए बिना फर्म की ओर से सामान समेटने की जानकारी मिलते ही यूपीडा के अधिकारी हरकत में आ गए।
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यूपीडा के अधिकारियों ने तत्काल समस्या को संज्ञान में लेते हुए फर्मों पर शिकंजा कस दिया। फर्म पर चाबुक चलते ही मंगलवार की सुबह से टूटी सड़कों पर जेसीबी व अन्य मशीनों के साथ मजदूरों को उतार दिया गया। सुबह से ही सड़क की सफाई, गिट्टी की कुटाई के बाद पानी के छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया गया है।
शाम को बल्दीराय की बड़ी नहर से निकले महुली-अरवल संपर्क मार्ग पर गिट्टी कुटाई के लिए रोलर भी दौड़ाया जाने लगा। टूटे मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को बारिश के पहले आवाजाही की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। यूपीडा के एसडीएम अनुराग सिंह ने कहा कि चिह्नित मार्गों की मरम्मत फर्म की ओर से कराई जाएगी। इस संबंध में उसे पहले ही निर्देश दिया जा चुका है।