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बजट ने रोकी हजारों ग्रामीणों की राह
Amarujala Bureau
Updated Mon, 11 Apr 2016 10:25 PM IST
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सात साल से नहीं बना पुल
- फोटो : अमर उजाला
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गोमती नदी के धोपाप घाट पर पुल का प्रस्ताव शासन में लटक गया है। छह माह से पुनरीक्षित बजट का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से धन के अभाव में सेतु निगम ने कार्य बंद कर दिया है। पहले विवादों में और अब धनराशि के अभाव में कार्य बंद होने से हजारों लोगों की उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया है। सात साल से निर्माण शुरू होने के बाद भी आज तक कार्य पूरा नहीं हो सका है।
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वर्ष 2009 में स्वीकृत हुआ था पुल
सेतु निगम के प्रस्ताव पर शासन ने वर्ष 2009 में कादीपुर व लंभुआ तहसील के बीच गोमती नदी के धोपाप घाट का सेतु स्वीकृत किया था। शासन ने पुल के निर्माण के लिए 445.82 लाख रुपया मंजूर किया था। धनराशि मिलने के बाद उप्र सेतु निगम ने पुल निर्माण का कार्य वर्ष 2010 में शुरू किया।
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आधी से कम होगी कादीपुर व लंभुआ तहसील की दूरी
गोमती नदी के धोपाप घाट पर सेतु का निर्माण होने से कादीपुर व लंभुआ तहसील मुख्यालय सीधे मार्ग से जुड़ जाएंगे। सीधे जुड़ने से दोनों तहसील मुख्यालयों की दूरी आधे से भी कम हो जाएगी। अभी डेवाढ़ व दियरा घाट होकर जाने पर लोगों को करीब 24 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। धोपाप घाट सेतु के निर्माण से दोनों तहसील मुख्यालयों की दूरी करीब 11 किलोमीटर हो जाएगी।
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पांच हजार लोगों को रोजाना लाभ मिलने की उम्मीद
सेतु के निर्माण से दोनों तहसीलों के करीब सैकड़ा भर गांव सीधे जुड़ जाएंगे। साथ ही दूर-दराज के लोगों को भी सीधा रास्ता मिल जाएगा। गांव की संख्या को देखते हुए इस मार्ग से रोजाना करीब पांच हजार लोगों के आवागमन की उम्मीद है। पुल का निर्माण बंद होने से लोगों की उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया है।