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11 अस्पतालों में बेस ईएमटी तैनात
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सुल्तानपुर। जिले में संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए इन हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अब वहां तैनात बेस ईएमटी स्ट्रेचर से उतारने के साथ ही भर्ती कराएंगे। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मरीज का पूरा लेखा-जोखा भी बेस ईएमटी के पास ही होगा। प्रतिदिन बेस ईएमटी की लोकेशन लखनऊ में बनाए गये कंट्रोल रूम से ऑनलाइन रखी जाएगी।
हैदराबाद की जीवीके ईएमआरआई कंपनी उत्तर प्रदेश के साथ ही 15 अन्य प्रदेशों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा को संचालित करती है। जिले में 108 की 33 और 102 की 39 एंबुलेंस चल रही हैं। 108 एंबुलेंस पर कुल 66 ईएमटी और 66 पायलट की तैनाती है जबकि 102 एंबुलेंस पर 78 ईएमटी और 78 पायलट को तैनात किया गया है।
जिले में आए दिन शिकायतें मिलती थीं कि 108 हो या फिर 102 एंबुलेंस, इनके ईएमटी अस्पताल पहुंचाने पर मरीज को स्ट्रेचर से वार्ड तक नहीं पहुंचाते थे। मरीज को उनके परिवारीजन ही स्ट्रेचर पर लिटाकर वार्ड तक ले जाते थे। इसे हैदराबाद की कंपनी ने गंभीरता से लेते हुए बुधवार से नई व्यवस्था शुरू कर दी है।
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इसके तहत कंपनी ने जिले में कुल 11 बेस ईएमटी का पद स्वीकृत करते हुए अस्पताल में इन हेल्प डेस्क की शुरुआत कर दी है। इसके तहत जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और नौ सीएचसी पर हेल्प डेस्क पर बेस ईएमटी तैनात कर दी गई हैं।
108 और 102 एंबुलेंस के ईएमई (इमरजेंसी मेडिकल एजूकेटिव) अभिनंदन ने बताया कि एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए इन हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। हेल्प डेस्क पर बेस ईएमटी 108 व 102 एंबुलेंस से आए हुए मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करेंगे। यदि मरीज को रेफर करने की जरूरत होगी तो उसमें भी मदद करेंगे।
जिले में तैनात किए गए 11 बेस ईएमटी के मोबाइल में वर्कमेड एप लोड होगा। इससे लखनऊ में बनाए गये कंट्रोल रूम से बेस ईएमटी की लोकेशन का पता चलेगा। प्रतिदिन हेल्प डेस्क पर तैनात बेस ईएमटी 108 और 102 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज करेंगे और इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को देंगे। कंट्रोल रूम से मरीजों अथवा उनके परिवारीजनों के नंबर पर संपर्क कर हेल्प डेस्क पर तैनात बेस ईएमटी के कार्य व्यवहार की जांच की जाएगी।
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हैदराबाद की जीवीके ईएमआरआई कंपनी उत्तर प्रदेश के साथ ही 15 अन्य प्रदेशों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा को संचालित करती है। जिले में 108 की 33 और 102 की 39 एंबुलेंस चल रही हैं। 108 एंबुलेंस पर कुल 66 ईएमटी और 66 पायलट की तैनाती है जबकि 102 एंबुलेंस पर 78 ईएमटी और 78 पायलट को तैनात किया गया है।
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जिले में आए दिन शिकायतें मिलती थीं कि 108 हो या फिर 102 एंबुलेंस, इनके ईएमटी अस्पताल पहुंचाने पर मरीज को स्ट्रेचर से वार्ड तक नहीं पहुंचाते थे। मरीज को उनके परिवारीजन ही स्ट्रेचर पर लिटाकर वार्ड तक ले जाते थे। इसे हैदराबाद की कंपनी ने गंभीरता से लेते हुए बुधवार से नई व्यवस्था शुरू कर दी है।
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इसके तहत कंपनी ने जिले में कुल 11 बेस ईएमटी का पद स्वीकृत करते हुए अस्पताल में इन हेल्प डेस्क की शुरुआत कर दी है। इसके तहत जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और नौ सीएचसी पर हेल्प डेस्क पर बेस ईएमटी तैनात कर दी गई हैं।
108 और 102 एंबुलेंस के ईएमई (इमरजेंसी मेडिकल एजूकेटिव) अभिनंदन ने बताया कि एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए इन हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। हेल्प डेस्क पर बेस ईएमटी 108 व 102 एंबुलेंस से आए हुए मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करेंगे। यदि मरीज को रेफर करने की जरूरत होगी तो उसमें भी मदद करेंगे।
जिले में तैनात किए गए 11 बेस ईएमटी के मोबाइल में वर्कमेड एप लोड होगा। इससे लखनऊ में बनाए गये कंट्रोल रूम से बेस ईएमटी की लोकेशन का पता चलेगा। प्रतिदिन हेल्प डेस्क पर तैनात बेस ईएमटी 108 और 102 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज करेंगे और इसकी जानकारी कंट्रोल रूम को देंगे। कंट्रोल रूम से मरीजों अथवा उनके परिवारीजनों के नंबर पर संपर्क कर हेल्प डेस्क पर तैनात बेस ईएमटी के कार्य व्यवहार की जांच की जाएगी।